PM Narendra Modi Kochi and Andra Pradesh Visit: पीएम नरेंद्र मोदी साल 2024 में दक्षिण भारत का अपना दूसरा दौरा करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी कोच्ची को चार हजार करोड़ रुपए की सौगात देंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोच्चि के पुथुवाइपीन में आईओसीएल के एलपीजी आयात टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे.इसके अलावा पीएम मोदी केरल के गुरुवयूर मंदिर और त्रिप्रयार श्री रामास्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करेंगे. वहीं, आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (NCIN) का उद्घाटन करेंगे. जानिए पीएम मोदी के दौरे का शेड्यूल.

PM Narendra Modi Kochi and Andra Pradesh Visit: NCIN के नए कैंपस का करेंगे उद्घाटन, अधिकारियों से करेंगे बातचीत 

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प्रधानमंत्री 16 जनवरी को दोपहर करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले के पलासमुद्रम पहुंचेंगे. यहां पर पीएम राष्ट्रीय सीमा शुल्क,अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) के नए कैंपस का उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री भारतीय रेवेन्यू सर्विस (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) के 74वें और 75वें बैच के ट्रेन अधिकारियों के साथ-साथ रॉयल सिविल सर्विस ऑफ भूटान के ट्रेन अधिकारियों के साथ भी बातचीत करेंगे.

PM Narendra Modi Kochi and Andra Pradesh Visit: गुरुवयूर, त्रिप्रायर और श्री रामास्वामी मंदिर में करेंगे पूजा अर्चना 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को सुबह करीब 07:30 बजे केरल के गुरुवयूर मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करेंगे. वह सुबह करीब 10:30 बजे त्रिप्रयार श्री रामास्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करेंगे. इसके बाद, दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री बंदरगाह, पोत ट्रांसपोर्ट और वॉटर वे क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. 

PM Narendra Modi Kochi and Andra Pradesh Visit: चार हजार करोड़ रुपए की तीन परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन 

कोच्चि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्‍य की तीन प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में न्यू ड्राई डॉक (एनडीडी); सीएसएल की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) ; और पुथुवाइपीन, कोच्चि में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एलपीजी आयात टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे. इन 3 परियोजनाओं के चालू होने से देश की जहाज निर्माण और मरम्मत क्षमताओं के साथ-साथ सहायक उद्योग सहित ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा.