National Handloom Day 2023: आज हैंडलूम दिवस के मौके पर पीएम मोदी भारतीय वस्त्र-शिल्प कोष का ई-पोर्टल  लॉन्च करेंगे. इसका उद्घाटन पीएम 2 बजे करेंगे. इसमें देशभर के 765 जिलों से खादी और हैंडलूम के लोग प्रगति मैदान में जुड़ेंगे. इसके साथ ही प्रगति मैदान में होने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में भाग लेंगे. राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देश भर से खादी बुनकर, हथकरघा कारीगर भी भाग लेने वाले हैं.

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पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, "यह 'वोकल फॉर लोकल' की भावना में स्थानीय वस्त्रों और हथकरघा को लोकप्रिय बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है."इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी एक ई पोर्टल का उद्घाटन करेंगे. इस पोर्टल को राष्ट्रीय फैशन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा तैयार किया गया है.

कार्यक्रम में ये लोग ले रहे भाग 

कार्यक्रम में कपड़ा और एमएसएमई क्षेत्रों के 3000 से अधिक हथकरघा और खादी बुनकर, कारीगर और हितधारक भाग लेंगे. यह पूरे भारत में हथकरघा समूहों, निफ्ट परिसरों, बुनकर सेवा केंद्रों, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद, केवीआईसी संस्थानों और विभिन्न राज्य हथकरघा विभागों को एक साथ लाएगा और उन्हें एक सशक्त मंच प्रदान करेगा.

कब से मनाना शुरू किया राष्ट्रीय हथकरघा दिवस ?

पीएमओ के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी हमेशा देश के कलात्मक और शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा को बरकरार रखने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन और नीतिगत समर्थन देने के दृढ़ समर्थक रहे हैं. इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर सरकार ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाना शुरू किया. इस तरह का पहला उत्सव 2015 में सात अगस्त को आयोजित किया गया था. इस तारीख को विशेष रूप से स्वदेशी आंदोलन के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में चुना गया था. स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत के लिए सात अगस्त 1905 की तिथि महत्वपूर्ण है.