Nipah Virus: केरल में आए दिन निपाह वायरस को लेकर खबरें आ रही है. केरल में आब तक निपाह के 6 एक्टिव केस मिल चुके हैं और लगभग 1080 लोग संक्रमित व्यक्तियों के कॉन्टेक्ट में औ चुके हैं. इसी संक्रमण के चलते केरल के कोझिकोड में सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स अगले रविवार यानी 24 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं. जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि पूरे हफ्ते शैक्षणिक संस्थानों की ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी. केरल में सामने आए इस वायरस की वजह से डर का माहौल बना हुआ है. 

निपाह की मृत्यु दर कोविड से ज्यादा

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अब तक, केरल में निपाह वायरस के छह पॉजिटिव मामले सामने आए हैं वहीं 2 मौतें हो चुकी हैं. इसी बीच शुक्रवार को  Indian Council of Medical Research (ICMR) के डायरेक्टर ने बताया कि कोविड-19 की तुलना में निपाह वायरस की मृत्यु दर ज्यादा है. कोविड की मृत्यु दर 2-3% थी वहीं निपाह वायरस की मृत्यु दर 40-70% है जो कि बहुत चिंताजनक है. 

क्या है निपाह वायरस और इसके लक्षण ? 

ये एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. जिसे ज़ूनोटिक डिज़ीज़ (Zoonotic Disease) कहा जाता है. ये चमगादड़ों और सुअर के जरिए इंसानों में फैल सकता है. आपको बता दें कि कोरोना का सबसे पहला केस केरल में ही आया था और वे भी जानवरों से फैलने वाली बीमारी थी. WHO के मुताबिक, निपाह वायरस (Nipah Virus) होने पर बुखार, सिरदर्द, उल्टी और गले में खराश जैसी समस्याएं होने लगती है. चक्कर आना और एन्सेफलाइटिस भी इस वायरस के एक लक्षण में शामिल है. यह वायरस चार से 14 दिनों तक रहता है. 

इसके बचाव के तरीके ?

ICMR डीजी के मुताबिक निपाह वायरस से बचाव के लिए 2018 मेम उन्हें ऑस्ट्रेलिया से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की कुछ खुराकें मिलीं थी जो वर्तमान में  केवल 10 मरीजों के लिए ही उपलब्ध है. इसके अलावा ICMR ऑस्ट्रेलिया से 20 और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी डोज़ खरीदेगा. इससे बचने के लिए चमगादड़ और सुअर जैसै जानवरों के कॉन्टेक्ट में आने से बचे.