IL&FS Case: IL&FS के पूर्व चेयरमैन और एमडी रवि पार्थसारथी (Ravi Parthasarathy) को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनपर 1 लाख करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है. चेन्नई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उन्हें गिरफ्तार किया. निवेशकों ने उनपर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था. पार्थसारथी को बुधवार को मुंबई में गिरफ्तार कर चेन्नई लाया गया. 

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1 लाख करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

रवि पार्थसारथी के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद 20 सितंबर 2020 को जांच शुरू हुई थी. वहीं 10 जून 2021 को उन्हें चेन्नई के पास पुझाल सेंट्रल जेल ले जाया गया. आपको बता दें कि रवि पार्थसारथी IL&FS के 1 लाख करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी हैं. वो IL&FS के पूरे ग्रुप चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे. इस ग्रुप में 350 से ज्यादा कंपनियां हैं जिसका इस्तेमाल मैनेजमेंट ने धोखाधड़ी के लिए किया. बताया जाता है कि इस धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड पार्थसारथी थे.

खारिज हुई एंटीसिपेटरी बेल

यह एफआईआर 200 करोड़ के नुकसान के बाद 63 Moons Technologies ने दर्ज कराई थी. वहीं आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में कई और डिपॉजिटर्स ने भी शिकायत दर्ज कराई थी. वहीं आरोपी पार्थसारथी की एंटीसिपेटरी बेल मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. ITNL के पीड़ित डिपॉजिटर्स और निवेशक EOW में क्लेम कर सकते हैं. उनपर आरोप है कि एक डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने ऐसा माहौल बनाया कि उनके फर्म में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलेगा. 

पीड़ित कर सकते हैं क्लेम

आपको बता दें कि 63 Moons Technologies ने IL&FS में 200 करोड़ का निवेश किया था. लेकिन जब समय पर पैसे वापस नहीं लौटाया गया तो उसने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया.वहीं ITNL के डिपॉजिटर्स और निवेशक EOW चेन्नई में dsp3eowhqrs@gmail.com पर अपना क्लेम कर सकते हैं. 

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