पूरी दुनियाभर में कच्चे हीरे की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि  महामारी के बाद से कई कन्ज्यूमर्स ने  लग्जरी आइटम्स से दूरी बना ली है. ज़िम्निस्की ग्लोबल रफ डायमंड इंडेक्स के अनुसार कीमतें एक साल में सबसे कम हैं और वहीं सीएनएन का कहना है कि इंडस्ट्रलिस्ट ये मानते हैं कि हीरों की कीमतों में आई गिरावट की वजह आभूषण की बिक्री में गिरावट है. ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि साल 2021 और 2022 के मुकाबले इस साल बाजार में नरमी देखने को मिल सकती है जिससे आने वाले सालों में कच्चे हीरे की कीमतों में सुधार हो सकता है.

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इसलिए आई गिरावट  

ग्लोबल डायमंड ऐनालिस्ट पॉल जिम्निस्की का कहना  है कि कन्ज्यूमर्स ने डायमंड के बजाय दूसरी सर्विसेस को चुनना शुरू कर दिया है जिसकी वजह से ये भारी गिरावट देखने को मिली. इतना ही नहीं एनालिस्ट्स का ये भी मानना है कि  कोविड पैन्डेमिक के बाद अब लोग बाहर खाना खा रहे हैं, यात्रा कर रहे हैं और लग्जरी आइटम्स के बजाय एक्सपीरियंस पर पैसा खर्च कर रहे हैं, जो एक बहुत वजह है दुनियाभर में हीरों की गिरावट में. 

दो साल के रिकार्ड के बाद आई ये गिरावट 

सीएनएन ने एक स्वतंत्र हीरा विश्लेषक एडहान गोलान के हवाले से कहा कि हीरा पूरी तरह से उपभोक्ता-संचालित बाजार है जिसके अंदर हीरे के आभूषणों के लिए दुकानदारों की मांग कच्चे हीरे की कीमतों और कुछ हद तक खुदरा कीमतों को प्रभावित करती है. रिटेलर्स ने विज्ञापन में करोड़ों डॉलर खर्च करके कंज्यूमर मांग को बढ़ावा दिया. बता दें कि कच्चे हीरे की बिक्री में दो रिकॉर्ड तोड़ने वाले वर्षों के बाद कीमतों में गिरावट आई है.

क्या कहती है CNN की रिपोर्ट

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 और 2022 में नेचुरल डायमंड ज्वेलरी की डिमांड सबसे ज्यादा थी और वहीं उद्योग विश्लेषकों को सर्दियों की छुट्टियों के दौरान और 2024 की शुरुआत में खुदरा बिक्री में उछाल की उम्मीद है. इतना ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी हीरा कंपनी डी बीयर्स के प्रवक्ता डेविड जॉनसन ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले महीनों में कच्चे हीरे की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.

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