कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार आरोग्य सेतु ऐप को सभी के लिए ओपन सोर्स करने जा रही है.  सभी के लिए Open Source ऐप का iOS version भी अगले दो हफ्ते जारी कर दिया जाएगा. ओपन सोर्स किए जाने से इस ऐप की पहुंच ज्यादा लोगों तक हो सकेगी. 

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क्या होता है ओपन सोर्स का मतलब

आमतौर पर जब कोई सॉफ्टवेयर डेवलप किया जाता है और उसे लॉन्च किया जाता है तो उस सॉफ्टवेयर के साथ उसका सोर्स कोड नहीं दिया जाता. सोर्स कोड डेवलपर के पास ही रहता है. आप एक यूजर के रूप में आप उस सॉफ्टवेयर के फंक्शंस और फीचर्स का उपयोग कर सकते हैं. आप यदि उस सॉफ्टवेयर में अपनी सुविधानुसार कोई परिवर्तन करना चाहें तो ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि उसके सोर्स कोड (source code) तक आपकी पहुंच नहीं होती.

ओपन सोर्स होने के फायदे

किसी सॉफ्टवेयर के ओपन सोर्स होने से कई फायदे होते हैं.  उस सॉफ्टवेयर को दूसरे सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट किया जा रहा है.  हो सकता है की आप जो सॉफ्वेयर नियमित तौर पर इस्तेमाल कर रहे हों उसमें आपको आपको आरोग्य सेतु ऐप का लिंक भी मिल जाए. आप अपने सॉफ्टवेयर से धीरे आरोग्य सेतु पर जा सकेंगे. ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर को री-डिस्ट्रीब्यूट भी किया जा सकता है.

सबसे बड़ा Contact Tracing App बना

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के मुताबिक आरोग्य सेतु ऐप दुनिया का सबसे बड़ा Contact Tracing App है. उन्होंने बताया कि AarogyaSetuApp 40 दिनों में 11 करोड़ 40 लाख ग्राहकों तक पहुंचकर बना विश्व का सबसे बड़ा Contact Tracing App बन चुका है. ये App सरकार,उद्योग और नागरिकों के बीच समन्वय का सबसे बेहतर उदाहरण है.

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प्राइवेसी रहेगी मेंटेन

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी के मुताबिक, डेटा की प्राइवेसी पर बहुत काम किया गया है. यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्राइवेसी पॉलिसी भी तैयार की गई है, जिससे लोगों के पर्सनल डेटा का गलत इस्तेमाल न हो. नए नियमों के तहत 180 दिन से ज्यादा का डेटा स्टोर नहीं किया जा सकता. यूजर की अपील पर 30 दिनों में आरोग्य सेतु के रिकॉर्ड को हटाना होगा. नए नियम केवल डेमोग्राफिक, कॉन्टैक्ट, सेल्फ-असेसमेंट और संक्रमितों के लोकेशन डेटा के संग्रह की ही अनुमति देते हैं. जानकारी के मुताबिक, निर्देशों के किसी भी उल्लंघन के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के अनुसार दंड और अन्य कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं. आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने से लेकर जेल की सजा तक का प्रावधान है.