AIIMS Bathinda: उच्च स्वास्थ्य जोखिमों का सामना कर रहे पंजाब के मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बठिंडा को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वह पंजाब के संगरूर में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च (PGIMER) के 300 बिस्तरों वाले सैटेलाइट सेंटर को समर्पित करेंगे, इसके अलावा फिरोजपुर में पीजीआईएमईआर के 100 बिस्तरों वाले सैटेलाइट सेंटर की आधारशिला रखेंगे.

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गौरतलब है कि बठिंडा, संगरूर और फिरोजपुर मालवा क्षेत्र में आते हैं, जो राज्य विधानसभा की 117 में से 69 सीटों के साथ पंजाब का सबसे बड़ा राजनीतिक क्षेत्र है. पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी व वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान सतलज नदी के दक्षिण में मालवा बेल्ट से हैं, जहां 80 प्रतिशत से अधिक भूजल प्रदूषित हो चुका है और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है.

मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन प्रोजेक्ट की शुरुआत

प्रधानमंत्री 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे. 8.4 एमएमटीपीए की स्थापित क्षमता वाली 1,194 किलोमीटर लंबी मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन को गुजरात तट पर मुंद्रा से हरियाणा के पानीपत में इंडियन ऑयल की रिफाइनरी तक कच्चे तेल के परिवहन के लिए चालू किया जाएगा.

वह हरियाणा के झज्जर में केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान का भी उद्घाटन करेंगे. इसमें शीर्ष स्तर की योग और प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान सुविधाएं होंगी. पीजीआईएमईआर के सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से पंजाब और आसपास के राज्यों के लोगों के लिए व्यापक, सस्ती, गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता होगी.

सैटेलाइट सेंटर की भी शुरुआत

संगरूर में 449 करोड़ रुपये की लागत से बना और 25 एकड़ में फैला सैटेलाइट सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. 300 बिस्तरों की क्षमता के साथ, सैटेलाइट सेंटर का लक्ष्य चंडीगढ़ में मुख्य पीजीआई संस्थान पर बोझ को कम करना और रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल तक पहुंच बढ़ाना है.

क्या है सैटेलाइट सेंटर की खासियत

इसकी प्रमुख विशेषताओं में 300 बिस्तर, पांच बड़े और दो छोटे ऑपरेशन थिएटर, गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) वार्ड, आपातकालीन सेवाएं, इन-पेशेंट विभाग (आईपीडी) सेवाएं, टेलीमेडिसिन केंद्र और कई अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं. अस्पताल की आधारशिला 2013 में रखी गई थी और इसका निर्माण दो चरणों में पूरा हुआ.

490.54 करोड़ रुपये के बजट के साथ, फिरोजपुर में पीजीआईएमईआर के सैटेलाइट सेंटर में 100 इनडोर बेड रखने की योजना है. इसमें 30 गहन देखभाल और उच्च निर्भरता बिस्तर शामिल हैं. इसमें 10 क्लिनिकल स्पेशलिटी विभाग और पांच अन्य सहायक विभाग रखने की योजना है. इसमें छोटे और बड़े ऑपरेशन थिएटर भी होंगे.