दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शहर में छोटे 5G नेटवर्क वाले टावर लगाने के लिए करीब 10,000 जगहों की पहचान की है. आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी और सरकारी विभाग इन छोटे टावरों के इंस्टॉलेशन के लिए टेलीकॉम कंपनियों को बुनियादी ढांचे संबंधी मदद मुहैया कराएगी. पीडब्ल्यूडी के सर्वे में जगहों की पहचान की गई है और डेटा को दिल्ली सरकार के उद्यम भू-स्थानिक दिल्ली लिमिटेड (Geospatial Delhi Limited) के पास जमा कर दिया गया है. सूत्रों ने बताया कि 5जी के छोटे टावर लगाने वाली जगहों में बड़े ‘साइन बोर्ड’ और मुख्य सड़कों पर लगे बिजली के खंभे शामिल हैं.

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

कम वजन होने की वजन से बिजली के खंभों और साइन बोर्ड पर भी आसानी से लगाए जा सकेंगे 5G टावर

सूत्रों ने बताया, ‘‘हमारी गणना के अनुसार, लगभग 10,000 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है और संबंधित आंकड़े जीएसडीएल को दिए गए हैं.'' उन्होंने कहा कि 5जी नेटवर्क के छोटे टावरों का वजन लगभग 40-50 किलोग्राम होता है, इसलिए इन्हें आसानी से बिजली के खंभे या बड़े साइन बोर्ड पर लगाया जा सकता है. बताते चलें कि कि दिल्ली में पीडब्ल्यूडी लगभग 1,500 किलोमीटर सड़कों का प्रबंधन करता है. सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रमुख हिस्सों में जहां 5G के छोटे टावर लगाए जाएंगे, उनमें रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, विकास मार्ग, रोहतक रोड, मथुरा रोड, अरबिंदो मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू मार्ग शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर को करेंगे 5G सेवाओं का शुभारंभ

बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नए तकनीकी युग की शुरुआत करते हुए 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे देश की राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में 5G सर्विसेज का शुभारंभ करेंगे. 5G तकनीक से जबरदस्त कवरेज, हाई डेटा रेट, कम देरी और अत्यधिक भरोसेमंद टेलीकॉम सुविधाऐं प्राप्त की जा सकेंगी. इससे एनर्जी एफिशिएंसी, स्पेक्ट्रम एफिशिएंसी और नेटवर्क एफिशिएंसी में भी जबरदस्त तरीके से सुधार होगा.

पीटीआई इनपुट्स के साथ