Ropeways in India: देश में पहाड़ी इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिले, इसके लिए केंद्र सरकार ने पर्वतमाला योजना की शुरुआत की थी. अब इस योजना के तहत सरकार 400 परियोजनाओं को मंजूरी दे सकती है. सरकार आने वाले 5 साल में पहाड़ों इलाकों में 400 रोपवे (Ropeway) तैयार करने की योजना बना रही है. सरकार पर्वतमाला परियोजना के तहत परियोजनाओं की संख्या अगले पांच साल में बढ़ाकर कम-से-कम 400 करने की योजना बना रही है. पर्वतमाला परियोजना या राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम बुनियादी ढांचा विकास का हिस्सा है. 

400 रोपवे बनाने पर सरकार का फोकस

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सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमने पर्वतमाला परियोजना शुरू की है. यह परियोजना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमने इसके तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की पहचान की है और ऐसी परियोजनाओं की संख्या 400 या उससे अधिक हो सकती है.

पिछले साल सरकार ने कहा था कि वह इस कार्यक्रम के तहत पांच साल में 1,200 किलोमीटर से अधिक की लंबाई वाले रोपवे के लिए 250 से अधिक परियोजनाएं विकसित करने की योजना बना रही है. सरकार ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रोपवे उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दे रही है. 

यातायात पर मंत्री ने जताई चिंता

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इसको देखते हुए देश में एक बहुत अच्छा बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिहाज से आज हम पांचवें स्थान पर है और अगले पांच साल में हम तीसरे स्थान पर होंगे.

यही कारण है कि हम देश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित कर रहे हैं. गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में धौला कुआं-मानेसर खंड पर यातायात की भीड़-भाड़ पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि यदि स्काई बस को चलाया जाता है या फिर इस खंड पर डबल डेकर बस सेवा शुरू की जाती है, तो न केवल यातायात कम होगा बल्कि लोग भी समय पर अपने गंतव्य पर भी पहुंच सकेंगे.