देश में थोक महंगाई बढ़ी है. नवंबर में WPI Inflation यानी होलसेल प्राइस इंडेक्स पर महंगाई में मार्च, 2023 के बाद पहली बार निगेटिव जोन से निकला है. जहां अक्टूबर में थोक महंगाई अक्टूबर में (-) 0.52 फीसदी पर था, वहीं नवंबर में बढ़कर 0.26% पर आया है.

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खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति नवंबर में 8.18 प्रतिशत रही, जो अक्टूबर में 2.53 प्रतिशत थी. भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखा था. साथ ही नवंबर और दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने के संकेत दिए थे.

क्यों बढ़ी महंगाई?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर, 2023 में होलसेल महंगाई में कई वजहों से उछाल आया. खाद्य उत्पादों, खनिज, मशीनरी और उपकरणों, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स व ऑप्टिकल उत्पाद, मोटर व्हीकल, दूसरे ट्रांसपोर्ट उपकरण और मैन्यूफैक्चिरंग वगैरह के दामों में उछाल से इंडेक्स पर रेट बढ़ा है.

रिटेल महंगाई भी बढ़ी है

12 दिसंबर को जारी किए गए खुदरा महंगाई के आंकड़ों के बाद थोक महंगाई में भी उछाल है. खाद्य वस्तुओं के दाम में तेजी से खुदरा महंगाई (Retail Inflation) नवंबर में बढ़कर 3 महीने के हाई 5.55% पर पहुंची है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई अक्टूबर में 4.87% पर थी. पिछले वर्ष इसी महीने में खुदरा महंगाई 5.88% के स्तर पर थी. वहीं अक्टूबर में IIP ग्रोथ 16 महीने के हाई पर रहा. अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन 11.7% बढ़ा, एक साल पहले इसमें 4.1% की गिरावट आई थी.