IT Sector Outlook: ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस का IT सेक्टर पर बुरा असर होने वाला है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में आईटी सेक्टर की कंपनियों का रेवेन्यू ग्रोथ 10-12 फीसदी रह सकता है. सालाना आधार पर इसमें 7-9 फीसदी की गिरावट देखी जा सकती है. भारत में आईटी सेक्टर का सालाना रेवेन्यू करीब 10 लाख करोड़ रुपए का है. FY2023 में इसमें 20 फीसदी की तेजी रहने की उम्मीद है. एक अन्य रिपोर्ट में डेलॉयट इंडिया ने कहा कि इस साल भारत में औसत सैलरी हाइक 9.1 फीसदी रह सकता है. सबसे बुरा हाल IT सेक्टर का होगा. यह एक दशक के निचले स्तर पर रह सकता है. आइए दोनों रिपोर्ट को बारी-बारी से समझते हैं.

बैंकिंग क्राइसिस के कारण BFSI की हालत खराब

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क्रिसिल के सीनियर डायरेक्टर अनुज सेठी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप बैंकिंग क्राइसिस से जूझ रहा है. IT सेक्टर की कंपनियों के लिए BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस) अहम है. इन सेक्टर्स की हालत खराब है और ग्रोथ के लिए कंपनियां जूझ रही हैं. इसका असर IT कंपनियों के रेवेन्यू पर होगा. IT सेक्टर के लिए 30 फीसदी रेवेन्यू BFSI सेगमेंट से आता है. बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेगमेंट से रेवेन्यू ग्रोथ आधा घटकर सिंगल डिजिट में रह सकता है. हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का रेवेन्यू ग्रोथ 12-14 फीसदी और अन्य कैटिगरी का ग्रोथ 9-11 फीसदी रहने का अनुमान है. इससे IT कंपनियों का ओवरऑल रेवेन्यू ग्रोथ 10-12 फीसदी के करीब रह सकता है.

IT सेक्टर का रेवेन्यू 10 लाख करोड़ से ज्यादा

क्रिसिल की रिपोर्ट IT Sector की 17 कंपनियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है. इंडियन आईटी सेक्टर का सालाना रेवेन्यू 10.2 लाख करोड़ रुपए है. इसमें 71 फीसदी हिस्सेदारी इन 17 कंपनियों की है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो साल से आईटी सेक्टर का ग्रोथ हेल्दी रहा. आउटलुक की बात करें तो 2023-24 में सेक्टर का ऑपरेटिंग प्रॉफिटैबिलिटी 50-60 bps सुधार के साथ 23 फीसदी पर पहुंच सकता है. आईटी कंपनियां एडवांस न्यू हायरिंग को घटाएंगी, जिससे ऑपरेशनल  कॉस्ट घटाने में मदद मिलेगी. एट्रिशन रेट भी घट रहा है.

IT सेक्टर का ऐवरेज सैलरी हाइक 9.1 फीसदी रह सकता है

डेलॉयट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में भारतीय कंपनियों का ऐवरेज पे हाइक 9.4 फीसदी से घटकर 9.1 फीसदी रह सकता है. IT सेक्टर का हाल सबसे खराब है. 2022 में ऐवरेज हाइक 10.3 फीसदी था जो इस साल 9.1 फीसदी रह सकता है. यह एक दशक का न्यूनतम स्तर होगा. एट्रिशन रेट घटकर प्री-कोविड लेवल 15-16 फीसदी पर आ सकता है जो 2022 में 19.7 फीसदी था.

विदेशी IT कंपनियों में छंटनी का घरेलू असर

ग्लोबल डिमांड में कमी देखी जा रही है. बैकिंग क्राइसिस का असर गंभीर है. कई विदेशी IT कंपनियां बडे़ पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं. इसका असर घरेलू कंपनियों पर भी दिख रहा है. यही वजह है कि एट्रिशन रेट में लगातार गिरावट आ रही है और यह प्री-कोविड लेवल पर पहुंचने का अनुमान है.