हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) में धान की खरीद (Paddy procurement) रफ्तार पकड़ने लगी है. हालांकि अन्य राज्यों में पहली अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी. इस बीच केंद्र सरकार ने कुछ राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर तिहलन और दलहन की खरीद को भी मंजूरी दे दी है. 

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केंद्र सरकार ने तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और हरियाणा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 लाख मीट्रिक टन दलहन (pulses procurement) और तिलहन की खरीद (oil seeds procurement) को मंजूरी दी है.

कृषि मंत्रालय ने कहा है कि राज्यों के प्रस्तावों पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और हरियाणा राज्यों के लिए 14 लाख मीट्रिक टन से अधिक दलहन और तिलहन खरीद की मंजूरी दी गई है. 

सरकार का कहना है कि पीएसएस के तहत प्रस्ताव प्राप्त होने पर अन्य राज्यों के लिए भी मंजूरी दी जाएगी. पीएसएस, अधिसूचित फसल कटाई अवधि में मंडी कीमतों के एमएसपी से कम होने की स्थिति में लागू होती है.

मंत्रालय का कहना है कि अब तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 46.35 मीट्रिक टन मूंग दाल की खरीद की है. कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961 किसानों से 5086 मीट्रिक टन कोपरा (Copra) खरीदा गया है. कोपरा को खोपरा (नारियल गिरी) भी बोला जाता है.

उधर, हरियाणा (Haryana) और पंजाब में धान की खरीद जारी है. इन राज्यों में धान की सरकारी खरीद 26 सितंबर से शुरू हो चुकी है. अब तक 3164 मीट्रिक टन धान हरियाणा में और 13,256 मीट्रिक टन पंजाब में खरीदा जा चुका है. 

हालांकि किसान आंदोलन के चलते दोनों ही राज्यों में कुछ स्थानों पर धान की खरीद में दिक्कतें भी आ रही हैं. क्योंकि प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ते रोक दिए हैं जिससे अन्य किसानों को अपना अनाज सरकारी खरीद केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है.

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कृषि बिल (Agriculuture Bills) का विरोध कर रहे किसानों ने अंबाला अनाज मंडी (Anaj Mandi) के नजदीक अंबाला-हिसार हाइवे (Ambala-Hisar Highway) पर जाम लगा दिया. 

इस साल के लिए सरकार ने धान का एमएसपी (Paddy MSP) (सामान्य ग्रेड) 1,868 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि ए ग्रेड किस्म 1,888 रुपये प्रति क्विंटल तय की है.