बजट में वैसे तो आम टैक्स पेयर के कुछ विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं, लेकिन जिनकी आय 2 करोड़ से लेकर 5 करोड़ रुपये सालाना है, उनपर टैक्स लगाया गया है. लेकिन यह जानकार आपको शायद हैरानी होगी कि करीब 130 करोड़ की आबादी वाले इस देश में दो करोड़ रुपये से लेकर पांच करोड़ रुपये आय वाले लोगों की संख्या महज 6361 हैं. यानी सरकारी आंकड़ों के हिसाब से इस कैटेगरी के टैक्स का भार सिर्फ 6361 लोगों पर ही पड़ेगा. 

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बजट में 2 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये तक की सालाना आय पर तीन प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की गई है, जबकि 5 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आय पर सात प्रतिशत का अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा. आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि 2 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये तक की सालाना आय पर अब सरचार्ज 25 फीसदी लगाया गया है और 5 करोड़ से अधिक की आय वालों पर सरचार्ज 37 फीसदी लगाया गया है. यानी कुल मिलाकर इफेक्टिव सरचार्ज दोनों कैटेगरी के लिए 39 फीसदी होगा और हाइयर टैक्स ब्रैकेट 42.7 प्रतिशत रहेगा. यानी अमीरों को 42 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा.

इसी तरह, टैक्स से जुड़ी एक और कैटेगरी है. इसमें अगर आप बैंक से सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक कैश निकालते हैं तो आपको 2 प्रतिशत टीडीएस लगेगा. इसके अलावा टैक्स स्लैब में कोई ज्यादा फेरबदल हुई नहीं है. इसमें पहले की तरह अगर आपकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होता है. 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय होने पर आपको 5 प्रतिशत टैक्स देना होता है. इसके बाद अगर सालाना आय 5-10 लाख रुपये तक है तो आपको 20 प्रतिशत टैक्स देना होता है. इसके अलावा सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक होने पर टैक्स 30 प्रतिशत टैक्स लगता है.