सरकार अब पीएसयू की जमीनों पर सस्ते आवासीय मकान बनाएगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण की घोषणा की है. सरकार इस योजना पर पहले से काम कर रही थी. आपको बता दें कि कई सरकारी कंपनियों की जमीनें यूं ही खाली पड़ी हैं. सरकार ने इन्हीं जमीनों का इस्तेमाल कर कम बजट वाले सस्ते मकान बनाने का प्रस्ताव किया है. पिछले साल केंद्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.

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खबरों के मुताबिक पीएसयू की खाली जमीन पर घर बनाने का जिम्मा एनबीसीसी को दिया जाएगा. शुरुआती दौर में सरकारा घाटे में चल रही करीब छह कंपनियों की जमीनों का इस्तेमाल इन घरों के बनाने के लिए करेगी. अगर इन छह कंपनियों की खाली पड़ी जमीनों को देखें तो यह करीब 3000 एकड़ जमीन है.

(ग्राफिक्स: हितेंद्र तिवारी)

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक सबको पक्का घर देने का लक्ष्य तय किया है. माना जा रहा है कि सरकार ने आज बजट में यह घोषणा इसी को ध्यान में रखते हुए की गई है.

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सरकार ने साल 2018 में घाटे में चल रहे ऐसे पीएसयू, जिनका पुनरुद्धार दोबारा नहीं किया जा सकता, उन्हें बंद करने के लिए गाइडलाइंस को मंजूरी दी थी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले साल शहरी इलाकों में  32 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 60 लाख सस्ते घरों को मंजूरी दी गई थी.