Mango Farming: किसान भाइयों के लिए जरूरी सूचना है. बिहार कृषि विभाग ने किसानों को आम के मंजर लगने से लेकर टिकोले आने तक, कीटों से बचाव के लिए जरूरी उपाय बताए हैं. कृषि विभाग के मुताबिक, आम के मंजरों की देखभाल अभी से शुरू करें. मंजरों की सुरक्षा के लिए तीन छिड़काव सही समय पर करना चाहिए ताकि टिकोले में कीट न लग पाएं और किसानों को आम की बंपर पैदावार मिल सके.

छिड़काव की जानकारी

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पहला छिड़काव- आम में पहला छिड़काव मंजर निकलने के पहले किसी अनुशंसित कीटनाशी के साथ किया जा सकता है, जिससे कीटनाशी पेड़ के छाल के दरारों में छुपे मधुआ कीट तक पहुंचे.

दूसरा छिड़काव- मंजरों में मटर के बराबर दाने लग जाने पर कीटनाशी के साथ फफूंदनाशी को मिलाने की अनुशंसा है, जो फलों को गिरने से रोकता है.

तीसरा छिड़काव- आम के टिकोले मटर के दाने के बराबर हो जाने पर तीसरा छिड़काव करना चाहिए, तीसरे छिड़काव में कीटनाशी के साथ फफूंदनाशी को मिलाकर छिड़काव किया जाना चाहिए.

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इन बातों का रखें ध्यान

मंजर के समय बूंदा-बांदी हो जाने पर घुलनशील सल्फर या कार्बेन्डाजिम या हेक्साकोनाजोल का छिड़काव जरूर करना चाहिए.

दहिया कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशी के तैयार घोल में कोई स्टीकर जरूर मिला दें.

फल व मंजर को गिरने से बचाने के लिए दूसरे और तीसरे छिड़काव में कीटनाशक के तैयार घोल के साथ अल्फा नेपथाईल एसीटिक एसीड 4.5% एस.एस.का 4 मिली लीटर प्रति 10 लीटर की दर से व्यवहार करना चाहिए.

दूसरे छिड़काव में सल्फर 80 घुलनशील चूर्ण 3 ग्राम प्रति लीटर घोल की दर से मिलाकर छिड़काव करना फायदेमंद होगा.

अल्फा नेपथाईल एसीटिक एसीड 4.5 फीसदी एस.एल का छिड़काव में अनुशंसित निर्धारित मात्रा में अध कहोने पर मंजर जल जाता है.