RBI Rs 2000 Notes Withdraws: 2,000 रुपये का नोट वापस लेने के भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फैसले के बाद ज्वेलर्स से सोना (Gold), चांदी (Silver) की खरीद संबंधी पूछताछ बढ़ गई है. दुनिया में चीन के बाद भारत में सोने की खपत सबसे ज्यादा होती है. सर्राफा कारोबारियों के निकाय जीजेसी ने कहा, हालांकि, 2016 में नोटबंदी के दौरान देखी गई स्थिति के विपरीत अब सोने की घबराहटपूर्ण खरीदारी नहीं है.

सोना खरीद पर 5-10% प्रीमियम ले रहे जौहरी

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वास्तव में पिछले दो दिन में 'अपने ग्राहक को जानो' (KYC) मानदंडों के कठोर नियमों के कारण 2,000 रुपये के नोटों के बदले सोने की खरीद वास्तव में कम रही है. हालांकि सूत्रों ने कहा कि कुछ जौहरियों ने सोना खरीद पर 5-10% प्रीमियम लेना शुरू कर दिया है जिससे पीली धातु का भाव 66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है. देश में इस समय सोना लगभग 60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है.

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सख्त KYC नियमों के चलते कम हुई सोने की खरीदारी

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन संयम मेहरा ने  बताया, 2,000 रुपये के नोटों से सोना या चांदी खरीदने को लेकर काफी पूछताछ की जा रही है, इसलिए शनिवार को दुकानों पर ज्यादा ग्राहक आए. हालांकि, सख्त केवाईसी नियमों के चलते वास्तविक खरीदारी कम हुई है.

30 सितंबर तक बदले जा सकते हैं 2000 के नोट

बता दें कि 19 मई को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की, लेकिन 30 सितंबर तक लोगों को ऐसे नोटों को खातों में जमा करने या उन्हें बैंकों में बदलने का समय दिया है. इसने बैंकों से तत्काल प्रभाव से 2,000 रुपए के नोट जारी करने पर रोक लगाने को कहा है.

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मेहरा ने आगे कहा कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के हॉलमार्क के नियम ने आभूषण निर्माताओं को संगठित होने और औपचारिक व्यवसाय करने के लिए प्रोत्साहित किया है.

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ज्वैलर एसोसिएशन की अपील

 द बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (TBJA) के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा है कि ग्राहक 2000 रुपये के नोट से किसी भी ज्वैलर से बाजार भाव पर ज्वेलरी या कोई भी सामान खरीद सकता है क्योंकि यह नोट लीगल टेंडर है. उन्होंने कहा, स्टेट बैंक के सर्कुलर के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति बिना कोई फार्म भरे और बिना कोई आईडी दिये 20,000 रुपये किसी भी बैंक से बदल सकता है तो ग्राहक महंगे भाव मे सोना या अन्य सामान क्यों खरीदेगा. पैनिक ना हों और ना ही नोट बदलने वालो के झांसे मे फंसे और न महंगे भाव पर सोना बेचने वालो के झांसे में आएं. अगर 30 सितम्बर की समयसीमा कम पड़ी तो एसोसिएशन इसे बढ़वाने की मांग पर विचार करेंगी.

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(पीटीआई इनपुट के साथ)