Companies News: बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच बड़ी संख्या में भारतीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (Indian Companies CEO) ऑपरेटिंग कॉस्ट यानी परिचालन लागत को कम कर रहे हैं या कम करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, देश की आर्थिक संभावनाओं को लेकर वे दूसरे देशों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO) की तुलना में ज्यादा पॉजिटिव हैं. भाषा की खबर के मुताबिक, विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना मीटिंग के पहले दिन सोमवार को सलाहकार कंपनी पीडब्ल्यूसी द्वारा जारी वैश्विक सीईओ सर्वे (Indian Companies CEO survey) में यह निष्कर्ष निकलकर आया है.

कर्मचारियों की संख्या या सैलरी में कटौती की योजना नहीं

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खबर के मुताबिक, हालांकि, ज्यादातर कंपनियों की अपने कर्मचारियों की संख्या या सैलरी में कटौती की योजना नहीं है. सर्वेक्षण में 10 में से चार (वैश्विक स्तर पर 40 प्रतिशत और भारत में 41 प्रतिशत) मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO) ने कहा कि अगर वे मौजूदा रास्ते पर चलते रहते हैं, तो उन्हें नहीं लगता कि 10 साल बाद उनकी कंपनी आर्थिक रूप से काम करने लायक रह जाएगी. मौजूदा परिदृश्य पर 93 प्रतिशत भारतीय सीईओ (Indian Companies CEO survey) ने कहा कि वे अपनी परिचालन लागत घटा रहे हैं या घटाने की योजना बना रहे हैं. 85 प्रतिशत वैश्विक और एशिया-प्रशांत के 81 प्रतिशत सीईओ ने भी कुछ इसी तरह की राय जताई.

अगले 12 माह में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में गिरावट आएगी

लगभग 78 प्रतिशत भारतीय सीईओ (Indian Companies CEO) ने कहा कि अगले 12 माह में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में गिरावट आएगी. वैश्विक स्तर पर 73 प्रतिशत और एशिया-प्रशांत के 69 प्रतिशत सीईओ ने भी यही राय व्यक्त की. वैश्विक आर्थिक परिदृश्य निराशाजनक रहने की आशंका के बावजूद भारत के 10 में से पांच से ज्यादा यानी 57 प्रतिशत सीईओ अगले एक साल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आशान्वित दिखे. इसकी तुलना में एशिया प्रशांत के सिर्फ 37 प्रतिशत और वैश्विक स्तर पर और कम यानी 29 प्रतिशत सीईओ अगले 12 महीनों में अपने देशों या क्षेत्रों में आर्थिक वृद्धि को लेकर आशान्वित थे.

अड़चनों को भी अपनी योजना में शामिल कर रहे 

पीडब्ल्यूसी ने कहा कि भू-राजनीतिक चिंता के बीच मुख्य कार्यपालक अधिकारी इसकी वजह से होने वाली अड़चनों को भी अपनी योजना में शामिल कर रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि यूरोप में तनाव के बीच वे क्या करेंगे, 67 प्रतिशत भारतीय सीईओ (Indian Companies CEO) ने कहा कि वे अपनी सप्लाई चेन का समायोजन कर रहे हैं. वहीं 59 प्रतिशत का कहना था कि वे अपने उत्पादों और सेवाओं में विविधता ला रहे हैं, जबकि 50 प्रतिशत ने कहा कि वे साइबर सुरक्षा और डेटा निजता पर निवेश बढ़ा रहे हैं. 

इसके अलावा 48 प्रतिशत मुख्य कार्यपालक अधिकारियों ने मौजूदा बाजारों में मौजूदगी बढ़ाने या नए बाजारों में विस्तार की बात कही. यह सर्वेक्षण 105 देशों और क्षेत्रों के 4,410 मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के बीच किया गया. इनमें 68 भारतीय सीईओ है. सर्वेक्षण अक्टूबर-नवंबर, 2022 के दौरान हुआ था.

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