रिपोर्ट : पवन त्रिपाठी

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दिल्‍ली-एनसीआर में एक आर एयरपोर्ट-जेवर एयरपोर्ट के बनने का रास्ता साफ हो गया है. गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने मंगलवार को किसानों से भूमि पर कब्जा लेकर यमुना विकास प्राधिकरण को 80 हेक्टेयर भूमि एयरपोर्ट के लिए दे दी है. एयरपोर्ट के पहले चरण में कुल 1334 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है. अब तक किसानों को 719 हेक्टेयर जमीन का मुआवजा 1765 करोड़ रुपये दिया जा चुका है. किसानों से कुल 1238 हेक्टेयर जमीन लेनी है. 

वैश्विक कंपनियों से बोली मांगी

आपको बता दें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) ने पिछले दिनों जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा को बनाने के लिए निविदा जारी कर वैश्विक कंपनियों से बोली मांगी थी. यूपी सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्‍ट को शुरू करने को लेकर NIAL को बनाया है.

दूसरा एयरपोर्ट

NIAL के अधिकारियों ने कहा कि यह हवाईअड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के बाद दूसरा एयरपोर्ट होगा. शुरू होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा होगा. एयरपोर्ट को बनाने में करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

4,086.54 करोड़ रुपये की लागत

NIAL के CEO अरुण वीर सिंह ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने लखनऊ में हुई बैठक में बोली दस्तावेज को मंजूरी दे दी है. NIAL के अनुसार हवाईअड्डे को बनाने में पहले चरण में 4,086.54 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

मुआवजा दिया

लागत में 2,848.35 करोड़ रुपए निजी जमीन को एक्‍वायर करने के मुआवजे में दिए गए हैं. जबकि 894.53 करोड़ रुपये प्रोजेक्‍ट से प्रभावित परिवार को दोबारा बसने और 318.66 करोड़ रुपये अतिरिक्त हर्जाने के तौर पर हैं.