समस्याओं में घिरी जेट एयरवेज (Jet Airways) के घरेलू पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (NAG) ने पायलटों के बकाया वेतन के भुगतान मामले में अब कानूनी रास्ता अपनाने की धमकी दी है. संगठन ने मंगलवार को एयरलाइन को कानूनी नोटिस दिया. नोटिस में बकाया वेतन के भुगतान के लिये प्रबंधन को 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है. दूसरी तरफ जेट की यहां से दैनिक उड़ानों की संख्या घटकर 32 रह गई है. मंगलवार को कंपनी ने यहां से मात्र 22 विमानों का ही परिचालन किया. सूत्रों ने बताया, ‘‘मंगलवार को जेट ने मुंबई से केवल 22 विमानों का ही परिचालन किया. इससे उसकी यहां से कुल 32 उड़ानें ही परिचालित हो सकीं. इसमें 16 आगमन और 16 प्रस्थान उड़ानें रहीं.’’ 

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एयरलाइन के पायलट बकाया वेतन के मामले में पिछले कुछ माह से नरम रुख अपनाए हुये थे. इस बीच, एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी विनय दुबे ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि प्रबंधन एयरलाइन की समाधान योजना के मामले में लगातार बैंकों के गठजोड़ के साथ काम कर रहा है. 

नकदी समस्या से जूझ रही जेट एयरवेज के पायलटों के साथ इंजीनियर तथा वरिष्ठ कार्यकारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. इसके चलते पिछले सप्ताह कंपनी के मालिकाना हक में बदलाव का फैसला हुआ और बहुलांश हिस्सेदारी कर्जदाता बैंकों के पास आने का मार्ग प्रशस्त हुआ. इन कर्मचारियों के अलावा एयरलाइन ने अन्य कर्मचारियों को भी मार्च का वेतन नहीं दिया गया है. 

एनएजी ने कानूनी नोटिस में कहा, ‘‘...कर्मचारियों ने जेट एयरवेज के प्रबंधन से बकाये वेतन के भुगतान के लिये 14 मार्च तथा आगे से वेतन भुगतान हर महीने की पहली तारीख करने को कहा है.’’ नोटिस में कहा गया है, ‘‘ऐसा नहीं होने पर कर्मचारी वेतन भुगतान को लेकर सभी संवैधानिक और कानूनी कदम उठाएंगे.’’

एनएजी ने दावा किया कि वह एयरलाइन के कुल 1,600 पायलटों में से 1,100 का प्रतिनिधित्व करता है. इससे पहले, संगठन ने वेतन भुगतान में देरी के कारण एक अप्रैल से विमान नहीं उड़ाने की धमकी दी थी. बाद में इसे टालकर 14 अप्रैल कर दिया गया.