अमेरिकी विमान कंपनी बोइंग की निगाह भारत के अरबों डॉलर के लड़ाकू जेट बाजार पर है और उसने भारत के साथ मिल कर एफ-ए-18 सुपर हॉर्नेट अपग्रेड्स के विकास के लिए विमान निर्माण का अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी परिवेश बनाने की पेशकश की है. कंपनी यह काम भारत के आधुनिक मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम के तहत करना चाहती है.

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अमेरिका की दो प्रमुख लड़ाकू जेट विनिर्माता कंपनियां बोइंग और लॉकहीड मार्टिन की निगाह भारत के लड़ाकू जेट बाजार पर है. लॉकहीड मार्टिन ने एफ-16 विनिर्माण के पूरे आधार को भारत लाने की पेशकश की है. 

बोइंग इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं बोइंग कार्यकारी परिषद के सदस्य मार्क एलन ने कहा, ‘‘हम एक पूर्ण पारिस्थितिकी क्षमता की बात कर रहे हैं. इसमें आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण, इंजीनियरिंग क्षमता का निर्माण और तकनीकी मेकेनिकल क्षमता शामिल है.’’

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बोइंग ने पेशकश की है कि भविष्य के एफ-ए-18 सुपर हार्नेट का अपग्रेड का भारत में संयुक्त रूप से विकास किया जा सकता है. एलन ने कहा कि बोइंग का इरादा अगले एकाध साल में भारत में अपने इंजीनियरों की संख्या को तीन हजार से पांच हजार करने का है.