Aviation Sector Growth in India: सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा कि देश में एविएशन सेक्टर में ग्रोथ की बहुत ही ज्यादा संभावनाएं हैं. ऐसे में भारत को अब एविएशन सेक्टर के उत्पादों के विनिर्माण पर ध्यान देना चाहिए. सिंधिया ने कहा कि अगले पांच से सात साल में डोमेस्टिक एविएशन कंपनियों के पास कुल 2,000 विमानों का बेड़ा होगा. एविएशन सेक्टर की कंसल्टिंग कंपनी CAPA द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पिछले 6 साल में पैसेंजर्स की संख्या दोगुना हो गई है. यह 60 मिलियन से बढ़कर 120 मिलियन हो गई है. ऐसे में हमें भारत में एयरोस्पेस उत्पादों के विनिर्माण पर ध्यान देना चाहिए. 

देश में एविएशन सेक्टर में ग्रोथ के आसार

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उन्होंने कहा कि देश का एविएशन सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहा है, भारत के सिविल एविएशन सेक्टर के लिए माहौल को बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक 15 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना होने का अनुमान है जिसके साथ इनकी संख्या बढ़कर 50 पर पहुंच जाएगी. 

ड्रोन क्षेत्र की वृद्धि के बारे में सिंधिया ने कहा कि 2030 तक यह तीन लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा और 2.5 लाख रोजगारों का सृजन करेगा.

एयरलाइंस को होगा 1.6-1.8 अरब डॉलर का घाटा

CAPA ने कहा कि भारत में एयरलाइन कंपनियों को अगले वित्त वर्ष के दौरान 1.6 से 1.8 अरब डॉलर का समेकित घाटा होने का अनुमान है. इसके अलावा पूर्ण सेवा देने वाली कंपनियों को 1.1 से 1.2 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है. CAPA इंडिया ने 2023-24 के लिए परिदृश्य जारी करते हुए कहा कि अगले वित्त वर्ष में भारत की एयरलाइन और 132 विमानों को सेवा में लेंगी जिसके साथ ही उनके बेड़े में कुल 816 विमान हो जाएंगे.

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