BS-6 light and heavy diesel vehicle: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हल्के और भारी डीजल BS-6 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की अनुमति दे दी. यह परमिशन उन गाड़ियों के लिए दी गई है जिनका इस्तेमाल सार्वजनिक उपयोगिता और आवश्यक सेवाओं के लिए किया जाता है.

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न्याय मित्र (amicus curiae) के रूप में नियुक्त सीनियर एडवोकेट ए.डी.एन.राव ने जस्टिस बी.आर.गवई के साथ ही जस्टिस एल.नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने प्रस्तुत किया कि BS-6 हल्के और भारी डीजल गाड़ियों का उपयोग पब्लिक यूटिलिटी और आवश्यक सेवाओं के लिए किया जाता है. उन्हें रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जा सकती है. बेंच ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन वाहनों के पंजीकरण के लिए अदालती आदेश न मांगें. 

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इन वाहनों को मिली परमिशन

बेंच ने कहा कि, हमारा विचार है कि सार्वजनिक उपयोगिता (Public utility) और आवश्यक सेवाओं के लिए उपयोग किए जान वाले बीएस-6 हल्के और भारी डीजल वाहनों के संबंध में रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जा सकती है. बेंच ने जोर देकर कहा कि पंजीकरण करने वाले अधिकरियों को सार्वजनिक उपयोगिता और आवश्यक सेवाओं के वाहनों के पंजीकरण के लिए अदालत के आदेश पर जोर नहीं देना चाहिए.

अदालत ने दिये ये निर्देश    

सुनवाई के दौरान वकील ने भारी शुल्क वाले वाहनों के पंजीकरण के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के एक अवलोकन के बाद पीठ को सूचित किया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अदालत के आदेशों पर जोर दिया है. शीर्ष अदालत बीएस-6 डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति मांगने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. बेंच ने जम्मू-कश्मीर में बीएस-4 वाहनों की बिक्री में ढील देने की याचिका पर भी विचार किया. कोर्ट ने आवेदक से राहत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा.