अगर आप अपनी BS VI गाड़ियों को एलपीजी और सीएनजी में बदलवाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है. इंडियन ऑटो एलपीजी कोअलिशन (IAC) ने ऐसे मुद्दे पर सवाल किया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, आईएसी ने कहा कि भारत चरण-छह (BS VI) उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियों को ऑटो एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) में बदलने संबंधी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नोटिफिकेशन कितने अर्थपूर्ण हैं.

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नोटिफिकेशन पूरी तरह अनप्रैक्टिकल 

खबर के मुताबिक, आईएसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मसौदे के मुताबिक, BS VI वाहनों को एलपीजी और सीएनजी में बदलने के लिए दुर्घटना परीक्षण और सेवा में अनुरूपता होना जरूरी है. उसने इस नोटिफिकेशन को पूरी तरह अनप्रैक्टिकल बताया है. आईएसी ने इस बारे में मंत्रालय को लेटर लिखकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराया है.

कई मुद्दों पर आपत्ति

इंडियन ऑटो एलपीजी कोअलिशन (Indian Auto LPG Coalition) ने कहा कि उसने अपने लेटर में कई मुद्दों पर आपत्ति जताई है. लेटर के मुताबिक, मसौदा नोटिफिकेशन में वाहन किस्म की मंजूरी के लिए वैधता की सीमित अवधि को बनाए रखा गया है. इसके अलावा दुर्घटना परीक्षण को भी जरूरी किया गया है. 

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होगा ये प्रभाव

बयान में कहा गया है कि इस तरह के प्रस्तावों को आगे बढ़ाने से बाहर से वाहन कलपुर्जे बनाने वाली रेट्रोफिटमेंट फर्मों के मुकाबले मौलिक उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) को समान अवसर मुहैया कराने की स्थिति प्रभावित होगी. उसका कहना है कि ये कदम सरकार के दीर्घकालिक पर्यावरण लक्ष्यों के साथ भी समझौता करने वाले होंगे. आईएसी ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि रेट्रोफिटमेंट फर्मों को हर तीन साल में रिन्यू कराने पर 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी.