Middle East War Day 9: लेबनान में 83 बच्चों की मौत, तेहरान में तेजाबी बारिश का खतरा, बूंद-बूंद पानी को तरसेगा बहरीन!

मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के 9वें दिन स्थिति और भी भयावह हो गई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में इजरायली हमलों में 83 बच्चों समेत 394 लोग मारे गए हैं. इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है और बेरूत सहित कई इलाकों को खाली करने का आदेश दिया है.
Middle East War Day 9: लेबनान में 83 बच्चों की मौत, तेहरान में तेजाबी बारिश का खतरा, बूंद-बूंद पानी को तरसेगा बहरीन!

Middle East War Day 9: मध्य पूर्व से आ रही खबरें हर बीतते दिन के साथ और भी विचलित करने वाली होती जा रही हैं. 28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध अब किसी भी सीमा को मानने को तैयार नहीं है. मासूम बच्चों की मौत और जीवन के लिए जरूरी पानी के प्लांट पर हमले बता रहे हैं कि हालात बेकाबू हो चुके हैं. आइए, आज के ताजा और गंभीर घटनाक्रमों को विस्तार से समझते हैं.

लेबनान: बच्चों के लिए कब्रिस्तान बनता देश

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को बेहद दर्दनाक आंकड़े साझा किए हैं.

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बच्चों की मौत: पिछले एक हफ्ते में इजरायली हमलों में 83 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं.

कुल मौतें: अब तक लेबनान में 394 लोग मारे जा चुके हैं.

विस्थापन: इजरायल ने बेरूत के बड़े हिस्सों और दक्षिणी लेबनान के निवासियों को तुरंत उत्तर की ओर जाने का आदेश दिया है. हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं.

बहरीन: 'वाटर प्लांट' पर हमला, प्यास को बनाया हथियार

खाड़ी के देशों के लिए समंदर के खारे पानी को पीने लायक बनाने वाले 'डेसालिनेशन प्लांट' (Desalination Plants) ही जीवन की रेखा हैं.

बहरीन का आरोप: बहरीन ने कहा है कि ईरान ने उसके एक वाटर प्लांट पर हमला किया है. यह पहली बार है जब किसी अरब देश ने नागरिक पानी की सुविधा पर सीधे हमले की बात कही है.

ईरान का तर्क: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने पहले केशम द्वीप (Qeshm Island) पर उनके प्लांट को नष्ट किया, जिससे यह खतरनाक रास्ता खुला.

खतरा: अगर ये प्लांट बंद हुए, तो करोड़ों लोगों के लिए पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा.

तेहरान: काला धुआं और जहरीली हवा, हो सकती है तेजाबी बारिश

शनिवार देर रात इजरायल ने तेहरान के उत्तरी तेल डिपो पर हमला किया.

सूरज देखना मुश्किल: तेहरान में धुआं इतना घना था कि सुबह सूरज तक नजर नहीं आया.

चेतावनी: ईरानी रेड क्रिसेंट ने लोगों को 'एसिड रेन' (तेजाबी बारिश) से बचने की सलाह दी है.

नुकसान: देश भर में लगभग 10,000 नागरिक इमारतें, जिनमें स्कूल और अस्पताल शामिल हैं, इस युद्ध की चपेट में आ चुकी हैं.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर मिसाइलों का साया

हमले और बचाव: ईरान ने यूएई पर 100 से अधिक ड्रोन और मिसाइलें दागीं. यूएई ने 17 में से 16 बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया.

मौतें: मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से अब तक 4 विदेशी नागरिकों (2 पाकिस्तानी, 1 नेपाली और 1 बांग्लादेशी) की मौत हो चुकी है.

असर: दुबई और अबू धाबी में इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए हैं और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

ईरान: धुएं और मलबे में तब्दील शहर, 1230 से अधिक लोग मारे गए

जानमाल का नुकसान: अब तक 1,230 से अधिक लोग मारे गए हैं. इनमें करीब 200 महिलाएं और 200 बच्चे शामिल हैं.

संपत्ति का नुकसान: ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, 10,000 से अधिक नागरिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें 7,943 आवासीय इकाइयां शामिल हैं.

ताजा हमला: इजरायल ने तेहरान के शाहरान तेल डिपो और इस्फ़हान हवाई अड्डे पर खड़े F-14 लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है.

स्वास्थ्य संकट: तेल डिपो में लगी आग से तेहरान में 'तेजाबी बारिश' और जहरीले प्रदूषण का खतरा पैदा हो गया है.

इजराइल: रॉकेटों की बारिश, दो तरफ से हो रहा हमला

इज़राइल इस समय उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ से हमलों का सामना कर रहा है.

मौतें: अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, रॉकेट हमलों में अब तक 11 से 28 लोगों की मौत हो चुकी है.

नुकसान: हिजबुल्लाह द्वारा दागे गए रॉकेटों ने उत्तरी इज़राइल के रिहायशी इलाकों को काफी नुकसान पहुँचाया है. इज़रायली पीएम नेतन्याहू ने "आश्चर्यजनक" जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है.

अमेरिका: 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत, ट्रंप समझौते के मूड में नहीं

अमेरिका इस युद्ध में इज़राइल का मुख्य सहयोगी है, लेकिन उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.

सैनिकों की मौत: युद्ध की शुरुआत से अब तक 06 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है.

रणनीतिक स्थिति: राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी किसी समझौते के मूड में नहीं हैं और उनका लक्ष्य ईरान के नेतृत्व को बदलना है.

कुवैत: बुनियादी ढांचे पर चोट

कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तेल टैंकों पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां भीषण आग लग गई. कुवैत ने सावधानी के तौर पर अपने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की है.

राजनीतिक खींचतान: 'समझौते' से इनकार

एक तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे झुकेंगे नहीं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल के सुर भी तल्ख हैं.

डोनाल्ड ट्रम्प: अमेरिकी राष्ट्रपति ने एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से कहा, "हम समझौते की तलाश में नहीं हैं. ईरान के नेता समझौता चाहते होंगे, लेकिन हम नहीं."

नेतन्याहू का संकल्प: इजरायली पीएम ने दोहराया कि उनका लक्ष्य ईरान के नेतृत्व को बदलना और हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म करना है.

Conclusion

9 दिन बीत चुके हैं और शांति की कोई किरण नजर नहीं आ रही है. लेबनान में मासूमों की जान जा रही है और खाड़ी देशों में बुनियादी सुविधाओं पर हमले हो रहे हैं. यह युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनता के अस्तित्व पर हमला बन गया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- लेबनान में अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?

पिछले एक सप्ताह के संघर्ष में अब तक 83 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है.

2- ईरान ने बहरीन के वाटर प्लांट पर हमला क्यों किया?

ईरान का दावा है कि अमेरिका ने पहले उनके पानी के प्लांट को निशाना बनाया था, इसलिए उन्होंने जवाबी कार्रवाई की.

3- तेहरान के लोगों को किस बात का डर है?

तेल डिपो में लगी आग के कारण वायु प्रदूषण और तेजाबी बारिश (Acid Rain) का गंभीर खतरा बना हुआ है.

4- अमेरिका और इजरायल का इस युद्ध में क्या लक्ष्य है?

दोनों देशों के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान के वर्तमान नेतृत्व को बदलना और हिजबुल्लाह जैसे समूहों को खत्म करना चाहते हैं.

5- क्या लेबनान में युद्ध विराम की कोई संभावना है?

फिलहाल इजरायल ने हमलों को और तेज कर दिया है और बेरूत को खाली करने के आदेश दिए हैं, जिससे युद्ध विराम की उम्मीद कम नजर आ रही है.

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