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Vijay Mallya Case: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में बुधवार को दावा किया कि बैंकों की ओर से वसूली गई राशि उनके द्वारा लिये गए कर्ज से कहीं अधिक है. उन्होंने कहा कि बैंकों का उन पर 6,200 करोड़ रुपये का कर्ज है लेकिन इससे 'कई गुना अधिक' वसूल किया जा चुका है.
माल्या ने बुधवार को कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बैंकों को यह निर्देश देने की मांग की कि वे उनके द्वारा लिए गए ऋणों के खिलाफ अब तक वसूली गई कुल राशि का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करें. यह याचिका यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (UBHL), जो अब परिसमापन में है, से संबंधित है. इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित बैंकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
न्यायमूर्ति आर. देवदास की अध्यक्षता वाली पीठ ने बैंकों और वसूली अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 19 फरवरी निर्धारित की है.
विजय माल्या की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सजन पूवैया ने कोर्ट में दलील दी कि माल्या पर चुकाने के लिए ₹6,200 करोड़ का ऋण बकाया था, जबकि अब तक ₹10,200 करोड़ की वसूली हो चुकी है. इसके बावजूद बैंक वसूली की प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं, जो अनुचित है. उन्होंने बैंकों को नोटिस जारी कर वसूली गई कुल राशि का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करने का आदेश देने का अनुरोध किया.
माल्या के वकील ने यह भी तर्क दिया कि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मूलधन का भुगतान पूरा हो चुका है या नहीं. उन्होंने कोर्ट से ऋण वसूली की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने और बैंकों के पास मौजूद उनकी संपत्तियों की आगे की बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग की.
सजन पूवैया ने कोर्ट में कहा कि अब तक ऋण वसूली अधिकारी ने ₹10,200 करोड़ की वसूली की पुष्टि की है. इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बयान दिया था कि ₹14,000 करोड़ की वसूली हो चुकी है.
इस मामले में हाईकोर्ट ने चेन्नई के ऋण वसूली अधिकरण (Loan Recovery Tribunal), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक, IDBI बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, JM फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी और UBHL के आधिकारिक परिसमापक को नोटिस जारी किया है.
हाईकोर्ट द्वारा बैंकों को नोटिस जारी करने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक क्या जवाब देते हैं. अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी, जहां विजय माल्या की याचिका पर कोर्ट कोई बड़ा फैसला ले सकता है.