नाजुक मोड़ पर सीजफायर, ट्रंप की धमकी, ईरान के आसपास तैनात रहेगी US आर्मी, खतरनाक शूटिंग के लिए है तैयार

पश्चिम एशिया युद्ध में भले ही सीजफायर की घोषणा हो गई है लेकिन, यह शांति एक धागे के सहारे टिकी हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक समझौता लागू नहीं हो जाता तब तक ईरान में अमेरिकी सेना तैनात रहेगी.
नाजुक मोड़ पर सीजफायर, ट्रंप की धमकी, ईरान के आसपास तैनात रहेगी US आर्मी, खतरनाक शूटिंग के लिए है तैयार

Donald Trump (Photo Credit: Reuters)

पश्चिम एशिया युद्ध के मोर्चे में भले ही अमेरिका और इजरायल ने दो हफ्ते के अस्थाई सीजफायर का ऐलान किया है, लेकिन युद्ध के बादल फिर गहरे हो रहे हैं. इजरायल ने लेबनान पर आक्रमक हमला कर दिया है. इसके बाद ईरान ने एक बार फिर रणनीतिक तौर से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है. ईरान के मुंबई कंसोलेट ने फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है. व्हाइट हाउस ने मांग की है कि इस समुद्री रास्ते को तुरंत फिर से खोल जाए. वहीं, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपन सोशल मीडिया पोस्ट ट्रूथ सोशल में ईरान को चेतावनी दी है अगर उसने असली समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं किया, तो अमेरिका अब तक की सबसे बड़ी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई करेगा.

ईरान में तैनात रहेंगे अमेरिकी सैनिक

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा है कि अमेरिकी जहाज, विमान और सैन्यकर्मी अतिरिक्त गोला बारूद और हथियारों के साथ ईरान के आसपास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता है.

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दोबारा शुरू हो जाएगी शूटिंग

  • डॉनल्ड ट्रंप के मुताबिक यदि किसी भी कारण से समझौते का पालन नहीं होता है तो शूटिंग शुरू हो जाएगी, यह शूटिंग इतनी बड़ी, बेहतर और ताकतवर होगी जो किसी ने पहले कभी नहीं देखी होगी. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि संभावना बेहद कम है.
  • ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अमेरिका के रुख को साफ करते हुए लिखा- "यह काफी पहले तय हो गया था, कोई परमाणु अधिकार नहीं होंगे और हॉर्मुज खुला और सुरक्षित रहेगा.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पोस्ट में आखिरी में लिखा अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार होकर फिलहाल आराम कर रही है, और असल में अपनी अगली जीत की तरफ देख रही है.

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- 'हिजबुल्लाह पर जारी रहेगा प्रहार'

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि लेबनान में सीजफयर कभी भी अस्थायी सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं था. उन्होंने कहा है कि हिजबुल्लाह युद्धविराम में शामिल नहीं है और उस पर पूरी ताकत से प्रहार जारी रहेगा.

10 मिनट में 100 ठिकानों पर किया हमला

  • पीएम नेतन्याहू ने हमले की जानकारी देते हुए कहा, "आज हमने हिजबुल्लाह को पेजर धमाकों के बाद से अभी तक का सबसे बड़ा झटका दिया है.
  • इजरायल ने उन जगहों पर 10 मिनट में 100 ठिकानों पर हमला किया है, जहां हिजबुल्लाह को यकीन था कि वह पूरी तरह से सुरक्षित है.
  • पीएम नेतन्याहू ने कहा कि हमारी उंगली ट्रिगर पर है और हम किसी भी वक्त युद्ध में लौटने के लिए तैयार है. नेतन्याहू ने सीजफायर को अभियान का अंत नहीं, बल्कि सभी लक्ष्य को हासिल करने के रास्ते में मील का पत्थर बताया है.
  • नेतन्याहू के मुताबिक इजरायल का पहला उद्देश्य ईरान को यूरोनियम संवर्धन से रोकना है, क्योंकि तेल अवीव के मुताबिक इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार को बनाने में किया जाएगा.

10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव का किया उल्लंघन

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ के मुताबिक अमेरिका और इजरायल पर 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के तीन प्रमुख खंडों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

इस कारण अमेरिका से अविश्वास

  • गालिबाफ के मुताबिक अमरिका के प्रति हमारा गहरा ऐतिहसिक अविश्वास उनकी प्रतिबद्धताओं के बार-बार उल्लंघन से उपजा है, एक ऐसा पैटर्न जो दुर्भाग्य से एक बार फिर दोहराया जा रहा है.
  • गालिबाफ के मुताबिक 10-सूत्रीय प्रस्ताव के पहले खंड का पालन न करना है. गालिबाफ के मुताबिक पाकिस्तान की पीएम शहबाज शरीफ ने भी साफ कहा है कि लेबनान और दूसरे क्षेत्रों सहित हर जगह तत्काल प्रभाव से लागू होने वाला युद्धविराम घोषित किया था.
  • गालिबाफ के मुताबिक एक घुसपैठिए ड्रोन का ईरानी एयर स्पेस में प्रवेश, जिसे फारस प्रांत के लार शहर में नष्ट कर दिया है.
  • गालिबाफ के मुताबिक बातचीत शुरू होने से पहले इन उल्लंघनों के कारण अब द्विपक्षीय सीजफायर या बातचीत अनुचित है.

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वीकेंड में इस्लामाबाद में होगी बातचीत

सीजफायर के समझौते को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष के बीच इस वीकेंड में इस्लामाबाद में सीधी बातचीत होनी तय थी. इस अहम बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे. दूसरी तरफ ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कमान स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ के हाथों में है. हालांकि, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने के कारण, लेबनान में हमले के कारण यह कूटनीतिक प्रक्रिया एक धागे के सहारे लटकी हुई है.

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