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Donald Trump Lisa Monaco News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार उन्होंने सीधे टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट पर निशाना साधा है. ट्रम्प ने कंपनी से उसकी ग्लोबल अफेयर्स हेड लिसा मोंको को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है.
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि लिसा मोंको “corrupt”, “deranged” और “अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा” हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट के पास अमेरिकी सरकार के कई अहम कॉन्ट्रैक्ट्स हैं और मोंको की ऊंची पदस्थता के चलते उन्हें संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच है. ट्रम्प का कहना है कि वह उन जानकारियों को संभालने के लिए भरोसेमंद नहीं हैं.
ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने लिसा मोंको की सभी सुरक्षा मंजूरियां (security clearances) पहले ही रद्द कर दी हैं. साथ ही उन्हें संघीय संपत्तियों (federal properties) में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है. यह कदम दिखाता है कि राष्ट्रपति मोंको पर कितना अविश्वास जताते हैं.
हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि इस कार्रवाई का माइक्रोसॉफ्ट या उसके सरकारी अनुबंधों पर सीधा असर पड़ेगा या नहीं.
लिसा मोंको अमेरिका की जानी-मानी प्रशासनिक अधिकारी रही हैं. उन्होंने मई/जुलाई 2025 में माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल अफेयर्स हेड का पद संभाला. इससे पहले वह बराक ओबामा प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रही थीं. जो बाइडेन सरकार में डिप्टी अटॉर्नी जनरल के तौर पर भी उन्होंने काम किया.
यानी मोंको का लंबा करियर अमेरिकी न्याय और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा रहा है. यही पृष्ठभूमि अब ट्रम्प के गुस्से की वजह बन गई है, क्योंकि उन्होंने डेमोक्रेटिक सरकारों में प्रमुख भूमिका निभाई थी.
ट्रम्प का यह कदम नया नहीं है. वे पहले भी कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ आक्रामक रुख दिखा चुके हैं. ट्रम्प कई बार मीडिया, टेक कंपनियों और यहां तक कि मनोरंजन जगत की हस्तियों पर भी हमला बोल चुके हैं. इससे पहले वे इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन और शो होस्ट जिमी किमेल पर भी भड़क चुके हैं. अब उनकी नजर माइक्रोसॉफ्ट पर है, खासकर लिसा मोंको पर.
इस पूरे विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कंपनी ने न तो ट्रम्प के आरोपों का जवाब दिया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि वह मोंको के पद पर कोई फैसला लेगी या नहीं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माइक्रोसॉफ्ट ट्रम्प की बात मान लेता है तो यह एक खतरनाक मिसाल होगी कि राजनीतिक दबाव कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन को प्रभावित कर सकता है.
ट्रम्प प्रशासन हाल ही में H1B वीज़ा नियमों में बदलाव कर चुका है. अब विदेशी कर्मचारियों के लिए नए शुल्क और समय सीमा तय की गई है. माइक्रोसॉफ्ट और अन्य टेक कंपनियां इससे पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं. कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सलाह दी थी कि अगर वे H1B या H4 वीज़ा पर हैं और फिलहाल अमेरिका से बाहर हैं, तो उन्हें तुरंत वापस लौटना चाहिए. 21 सितंबर की डेडलाइन से पहले यह कदम उठाना जरूरी है क्योंकि उसके बाद 100,000 डॉलर का शुल्क लागू हो जाएगा.
विश्लेषक मानते हैं कि ट्रम्प और टेक कंपनियों के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और लिसा मोंको पर हमला उसी कड़ी का हिस्सा है.
आगे क्या होगा
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि माइक्रोसॉफ्ट इस दबाव का सामना कैसे करता है. अगर कंपनी मोंको को हटाती है तो यह सीधे ट्रम्प की जीत मानी जाएगी. अगर कंपनी उन्हें बनाए रखती है तो व्हाइट हाउस और माइक्रोसॉफ्ट के बीच टकराव और बढ़ सकता है.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ट्रम्प इस तरह के मुद्दों से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, कॉर्पोरेट जगत इसे अपने लिए खतरे की घंटी मान सकता है.
FAQs
Q1. डोनाल्ड ट्रम्प ने लिसा मोंको पर क्या आरोप लगाए हैं?
ट्रम्प ने मोंको को भ्रष्ट, मानसिक रूप से अस्थिर और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है.
Q2. लिसा मोंको माइक्रोसॉफ्ट में कब शामिल हुईं?
वे मई/जुलाई 2025 में माइक्रोसॉफ्ट में ग्लोबल अफेयर्स हेड बनीं.
Q3. मोंको का सरकारी करियर क्या रहा है?
वे ओबामा प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और बाइडेन प्रशासन में डिप्टी अटॉर्नी जनरल रही हैं.
Q4. क्या माइक्रोसॉफ्ट ने ट्रम्प के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है?
नहीं, अभी तक माइक्रोसॉफ्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
Q5. ट्रम्प और टेक कंपनियों के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?
हाल ही में H1B वीज़ा नियमों और शुल्क को लेकर ट्रम्प प्रशासन और टेक कंपनियों में टकराव बढ़ा है.