ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों पर मिसाइल की बारिश, अमेरिकी सेना ने बताया उनके कितने सैनिक मारे गए, कितने हुए घायल

अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस ऑपरेशन में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ईरान ने इजरायल के साथ-साथ दुबई, अबू धाबी और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों पर भी मिसाइलें दागी हैं. ईरान में 40 दिनों के शोक के बीच नए नेतृत्व परिषद ने काम शुरू कर दिया है, वहीं सड़कों पर कहीं मातम तो कहीं जश्न का माहौल है.
ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों पर मिसाइल की बारिश, अमेरिकी सेना ने बताया उनके कितने सैनिक मारे गए, कितने हुए घायल

अमेरिका और इजराइल ने पहले ईरान पर हमला किया और अब ईरान भी जवाबी कार्रवाई करने लगा है. अमेरिकी सेना (Central Command) ने पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ चल रहे इस सैन्य ऑपरेशन में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 बुरी तरह घायल हुए हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन्स की बरसात कर दी है. यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले रहा है.

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'लाल रेखा' पार: ईरान का खौफनाक बदला

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने टीवी पर आकर दुनिया को चेतावनी दी. उन्होंने कहा, "आपने हमारी 'रेड लाइन' पार कर दी है और अब आपको इसकी कीमत चुकानी होगी. हम ऐसे विनाशकारी वार करेंगे कि आप खुद भीख मांगने पर मजबूर हो जाएंगे."

ईरान ने अपनी बात को सच साबित करने के लिए मिसाइलों और ड्रोन्स का एक बड़ा जत्था इजरायल और उन खाड़ी देशों की ओर रवाना किया जहां अमेरिकी सेना मौजूद है.

तेहरान में तबाही: तेहरान के सरकारी इमारतों वाले इलाके से धुएं का बड़ा गुबार आसमान में देखा जा रहा है. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

मिसाइलों की बारिश: ईरान ने केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि उन अरब देशों को भी निशाना बनाया है जो अमेरिका के सहयोगी माने जाते हैं.

खाड़ी देशों में हाहाकार: सुरक्षित पनाहगाहों पर हमला

दुबई और अबू धाबी जैसे शहर, जिन्हें अब तक युद्ध से सुरक्षित माना जाता था, अब सीधे निशाने पर हैं.

UAE का नुकसान: अबू धाबी में ईरानी हमलों के मलबे से 2 लोगों की मौत हो गई है. दुबई के विश्व प्रसिद्ध बुर्ज अल अरब (Burj Al Arab) होटल के बाहरी हिस्से पर मिसाइल का मलबा गिरने से आग लग गई. अबू धाबी के मुख्य पोर्ट पर भी भारी नुकसान की खबरें हैं.

सऊदी अरब और जॉर्डन: सऊदी अरब ने रियाद और अपने पूर्वी क्षेत्रों की ओर आने वाली मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है. जॉर्डन की वायु सेना ने भी 49 ड्रोन्स और मिसाइलों को नष्ट किया है.

ओमान का तट: पहली बार ओमान के पास एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.

इजरायल का 'नॉन-स्टॉप' एक्शन

इजरायल के अंदर भी स्थिति तनावपूर्ण है. तेल अवीव में लगातार धमाके सुने जा रहे हैं.

सिनेगॉग पर हमला: बेत शेमेश (Beit Shemesh) शहर में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (Synagogue) पर मिसाइल गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हुए हैं. इसके साथ ही इजरायल में मरने वालों की संख्या 10 पहुँच गई है.

इजरायल का रुख: रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि इजरायल अब ईरान के सैन्य और नेतृत्व ठिकानों पर "नॉन-स्टॉप एयर ट्रेन" (लगातार हवाई हमले) चलाएगा.

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

यह युद्ध केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं है, इसका असर आपकी और हमारी जेब पर भी पड़ने वाला है.

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अगर ईरान ने इस रास्ते को असुरक्षित कर दिया या बंद कर दिया, तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी.

शेयर बाजार: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अभी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. निवेशक डरे हुए हैं कि यह संघर्ष लंबे समय तक खिंच सकता है.

ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति की परीक्षा

डोनाल्ड ट्रंप, जो हमेशा "हमेशा चलने वाले युद्धों" (Forever Wars) को खत्म करने की बात करते थे, अब खुद एक बड़े युद्ध के बीच खड़े हैं.

कड़ी चेतावनी: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को ललकारते हुए लिखा- "बेहतर होगा कि वे (ईरान) ऐसा न करें. अगर उन्होंने किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी!"

विपक्ष का विरोध: अमेरिका में डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप ने संसद की अनुमति के बिना इतना बड़ा कदम उठाकर देश को खतरे में डाल दिया है. वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि उन्होंने कुछ रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेताओं को पहले ही जानकारी दे दी थी.

ईरान के अंदर का हाल: मातम, जश्न और भ्रम

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के अंदर जो हो रहा है, वह बहुत अजीब है.

सरकारी शोक: सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और 7 दिनों की राष्ट्रीय छुट्टी का ऐलान किया है. मशहद के इमाम रजा दरगाह पर काला झंडा फहरा दिया गया है.

जमीनी हकीकत: एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, तेहरान के कुछ इलाकों में लोग छतों पर चढ़कर सीटियाँ बजा रहे हैं और जश्न मना रहे हैं. 30 साल से ज्यादा समय तक शासन करने वाले खामेनेई के अंत को कई ईरानी अपनी आज़ादी के रूप में देख रहे हैं.

नया नेतृत्व: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि एक नई 'लीडरशिप काउंसिल' ने काम शुरू कर दिया है. अगले 1-2 दिनों में नए सुप्रीम लीडर का नाम तय कर लिया जाएगा.

मासूमों की जान और विवाद

युद्ध में हमेशा आम जनता पिसती है.

स्कूल पर हमला: दक्षिण ईरान में एक गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 115 बच्चियों के मारे जाने की खबर है. हालांकि, इजरायल और अमेरिका ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने उस इलाके में कोई हमला किया है.

परिवार का अंत: खबरों के मुताबिक, खामेनेई के साथ-साथ उनके परिवार के कई सदस्य (बेटी, दामाद, बहू और पोता) भी इन हमलों में मारे गए हैं.

क्या ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अंत हो गया?

अमेरिका का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में ईरान ने गुप्त रूप से यूरेनियम को समृद्ध करने की क्षमता फिर से हासिल कर ली थी.

सैटेलाइट तस्वीरें: जून के युद्ध के बाद ईरान फिर से अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा था. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि जिन जगहों पर अमेरिका ने पहले बमबारी की थी, वहां फिर से हलचल शुरू हो गई थी. ट्रंप का यह हमला इसी 'परमाणु खतरे' को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए था.

Conclusion

ईरान और इजरायल के बीच यह युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर है. खामेनेई की मौत ने ईरान में सत्ता का जो खालीपन (Vacuum) पैदा किया है, उसे भरना आसान नहीं होगा. एक तरफ अमेरिका 'शांति' के नाम पर भारी बमबारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान 'बदले' के नाम पर पूरे मिडिल ईस्ट को दहला रहा है. अगर समय रहते अंतरराष्ट्रीय दखल नहीं हुआ, तो यह आग पश्चिम एशिया से निकलकर पूरी दुनिया को अपनी लपेट में ले सकती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- ईरान के पलटवार में कितने अमेरिकी सैनिक मारे गए?

रविवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हैं.

2- क्या दुबई और अबू धाबी अब सुरक्षित नहीं हैं?

ईरान के मिसाइल हमलों ने दुबई के बुर्ज अल अरब और अबू धाबी के पोर्ट को नुकसान पहुंचाया है, जिससे वहां सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

3- खामेनेई के बाद ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा?

ईरान की नई 'लीडरशिप काउंसिल' 1-2 दिनों में नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी. फिलहाल नामों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

4- ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर क्या चेतावनी दी है?

ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने पलटवार करना जारी रखा, तो अमेरिका उन पर अब तक की सबसे भीषण सैन्य कार्रवाई करेगा.

5- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?

क्योंकि यहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है. इसके बंद होने से वैश्विक तेल संकट पैदा हो सकता है.

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