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पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ, मेटल्स नियम भी बदले. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Reuters)
Trump Tariffs: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अब भारत सहित उन सभी देशों से आने वाली पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिन्होंने अमेरिका के साथ 'रिशोरिंग' या 'MFN प्राइसिंग' समझौता नहीं किया है. इसके साथ ही स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर जैसे धातुओं के निर्यात पर भी नए नियम लागू कर दिए गए हैं.
ज़ी बिजनेस के रिपोर्टर अंबरीश पांडेय के मुताबिक, अमेरिका अपनी दवा और मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन को देश के अंदर लाना चाहता है, ताकि विदेशी निर्भरता कम हो.
फिलहाल जेनेरिक दवाओं को इस टैरिफ से बाहर रखा गया है. हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जेनेरिक कंपनियां अपना उत्पादन अमेरिका शिफ्ट नहीं करतीं, तो भविष्य में इन पर भी विचार किया जा सकता है.
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भारत जैसे देश प्रभावित होंगे क्योंकि-
स्टील और एल्युमीनियम के लिए नए नियम क्या हैं?
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भारतीय फार्मा कंपनियोंके लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है. हालांकि जेनेरिक दवाओं के बचने से तुरंत बड़ा झटका नहीं लगा है, लेकिन पेटेंटेड पोर्टफोलियो वाली कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी होगी. निवेशकों को उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनका एक्सपोर्ट अमेरिका केंद्रित है, क्योंकि टैरिफ लागू होने से उनके मुनाफे पर दबाव आ सकता है.
Q1. क्या भारत की सभी दवा कंपनियां प्रभावित होंगी?
नहीं, सिर्फ पेटेंटेड दवा एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियां ज्यादा प्रभावित होंगी.
Q2. क्या जनरिक दवाओं पर भी टैरिफ लगेगा?
अभी नहीं, लेकिन भविष्य में संभव.
Q3. इस फैसले का मकसद क्या है?
अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना.
Q4. क्या मेटल सेक्टर पर असर पड़ेगा?
हां, खासकर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों पर.
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