ट्रंप ने दी बड़ी राहत! खेती और इंडस्ट्रियल मशीनों पर घटाया टैरिफ, जानिए किसे मिलेगा फायदा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खेती और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनों पर टैरिफ घटाने का ऐलान किया है. अब इन पर 25% की जगह 15% टैरिफ लगेगा. हालांकि इस राहत का फायदा सिर्फ उन देशों को मिलेगा जिनके साथ अमेरिका की ट्रेड डील है.
ट्रंप ने दी बड़ी राहत! खेती और इंडस्ट्रियल मशीनों पर घटाया टैरिफ, जानिए किसे मिलेगा फायदा?

ट्रंप ने दी बड़ी राहत! खेती और इंडस्ट्रियल मशीनों पर घटाया टैरिफ. (Image-X)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कारोबार और उद्योग से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. ट्रंप प्रशासन ने खेती और इंडस्ट्रियल कामों में इस्तेमाल होने वाली कई मशीनों पर लगने वाला टैरिफ घटाने का ऐलान किया है.

इससे इन मशीनों के आयात पर लगने वाला शुल्क कम हो जाएगा. हालांकि भारत के लिए इस फैसले में अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि जिन देशों को यह राहत मिलेगी उनमें भारत का नाम शामिल नहीं है.

25% से घटाकर 15% किया गया टैरिफ

नई घोषणा के मुताबिक कई कृषि उपकरणों और इंडस्ट्रियल मशीनों पर टैरिफ 25% से घटाकर 15% कर दिया गया है. यानी इन उत्पादों के आयात पर अब पहले की तुलना में कम शुल्क देना होगा. यह फैसला 8 जून 2026 से लागू होगा और 31 दिसंबर 2027 तक जारी रहेगा.

खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को मिलेगी राहत

टैरिफ कटौती का सबसे बड़ा फायदा खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को मिलेगा. इसमें हार्वेस्टर, कंबाइन और अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं.

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस कदम से किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादकों की लागत कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही कृषि क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा.

इंडस्ट्रियल मशीनों पर भी कम हुआ शुल्क

सिर्फ खेती से जुड़ी मशीनें ही नहीं, बल्कि कई इंडस्ट्रियल मशीनों को भी राहत दी गई है. बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और दूसरी मोबाइल इंडस्ट्रियल मशीनरी पर भी अब 15% टैरिफ लागू होगा. सरकार ने ऐसे उपकरणों की लिस्ट का दायरा भी बढ़ाया है ताकि ज्यादा उत्पाद इस सुविधा का लाभ ले सकें.

AC, एल्युमीनियम और कॉपर से जुड़े नियमों में भी बदलाव

टैरिफ में बदलाव सिर्फ कृषि और भारी मशीनों तक सीमित नहीं है. एयर कंडीशनर (AC) से जुड़े कुछ उत्पादों पर भी शुल्क घटाकर 15% किया गया है. इसके अलावा एल्युमीनियम और कॉपर से जुड़े टैरिफ नियमों में भी बदलाव किए गए हैं.

भारत को क्यों नहीं मिलेगा फायदा?

इस फैसले की सबसे अहम बात यह है कि कम टैरिफ का लाभ सिर्फ उन्हीं देशों को मिलेगा जिनके साथ अमेरिका की ट्रेड डील है. जारी लिस्ट में भारत का नाम शामिल नहीं है. इसका मतलब है कि भारतीय कंपनियां या निर्यातक इस टैरिफ राहत का सीधा फायदा नहीं उठा पाएंगे.

अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में लागत कम करना और निवेश को बढ़ावा देना है. सरकार का मानना है कि कम टैरिफ से कारोबार को गति मिलेगी और उत्पादन गतिविधियों को समर्थन मिलेगा.

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