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पूरी दुनिया की नजरें इस समय मध्य पूर्व (Middle East) पर टिकी हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. ट्रंप ने इसे 'अमेजिंग दो दिन' करार देते हुए एक बड़े समझौते (Grand Bargain) की उम्मीद जताई है. इस बीच, पाकिस्तान ने एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए अपने सेना प्रमुख को तेहरान भेजा है.
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर बुधवार को तेहरान पहुंचे. उनका मकसद पिछले रविवार को इस्लामाबाद में अधूरी रही बातचीत को फिर से पटरी पर लाना है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मुनीर के काम की सराहना की है और माना जा रहा है कि उनकी 'बैक-चैनल' कूटनीति ने दोनों पक्षों को काफी करीब ला दिया है.
शांति वार्ता में सबसे बड़ा कांटा ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं हैं. 2026 के इस प्रस्तावित समझौते में दो बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं:
अमेरिका का प्रस्ताव: ईरान अपनी सभी परमाणु गतिविधियां 20 साल के लिए निलंबित कर दे.
ईरान का प्रस्ताव: तेहरान केवल 3 से 5 साल तक ही गतिविधियों को रोकने के पक्ष में है.
आईएईए (IAEA) प्रमुख राफेल ग्रोसी के अनुसार, यह पूरी तरह से एक राजनीतिक फैसला है. इसके अलावा, ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं, जबकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम (Enriched Material) को देश से बाहर भेजे.
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एक तरफ बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ समुद्र में जबरदस्त तनाव है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है.
जहाजों की वापसी: अमेरिकी नौसेना ने चीन के मालिकाना हक वाले टैंकर 'रिच स्टारी' (Rich Starry) सहित कई जहाजों को वापस भेज दिया है.
ईरान की धमकी: ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि अगर नाकेबंदी जारी रही, तो वह फारस की खाड़ी और लाल सागर में हर तरह के व्यापार को पूरी तरह बंद कर देंगे.
7 हफ्तों से जारी इस लड़ाई ने भारी तबाही मचाई है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक लगभग 5,000 लोग मारे गए हैं. सिर्फ ईरान में करीब 3,000 लोगों की जान गई. वहीं लेबनान में करीब 2,000 लोग मारे गए हैं.
युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. ट्रंप के सकारात्मक बयान से शेयर बाजारों में तेजी आई, लेकिन तेल की कीमतें अभी भी $95 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. हॉरमुज जलडमरूमध्य के बंद होने से एशिया और यूरोप में ऊर्जा की भारी किल्लत हो गई है.
अगले 48 घंटे दुनिया की शांति के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकते हैं. अगर ट्रंप का 'ग्रैंड बार्गेन' सफल होता है, तो यह 2026 की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत होगी. हालांकि, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में जारी संघर्ष इस शांति की उम्मीद को कभी भी तोड़ सकता है.
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