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(Image source- AI)
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सऊदी अरब और ईरान के रिश्ते में खटास बढ़ता जा रहा है. सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अधिकारियों और उनके स्टाफ को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है. सऊदी अरब ने इन्हें 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का कड़ा आदेश दिया है.
सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक सख्त बयान जारी करते हुए ईरान पर लगातार आक्रामकता का आरोप लगाया है. मंत्रालय के मुताबिक, ये हमले न केवल सऊदी अरब बल्कि गल्फ कॉरपोरेशन काउंसिल (GCC) के अन्य देशों और कई अरब व इस्लामिक देशों को भी निशाना बना रहे हैं.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के जरिए जारी एक औपचारिक बयान में मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब को लगातार निशाना बनाना, खास तौर पर उसकी संप्रभुता, नागरिक ठिकानों, नागरिकों, आर्थिक हितों और राजनयिक परिसरों को, वैश्विक कानूनी मानकों का गंभीर उल्लंघन है.
गल्फ न्यूज ने बताया कि किंगडम इन कार्रवाइयों को सभी संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधियों का घोर उल्लंघन और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों के विपरीत मानता है. सऊदी अधिकारियों ने आगे जोर देकर कहा कि ईरान की सैन्य गतिविधियां सीधे तौर पर बीजिंग समझौते और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का उल्लंघन करती हैं.
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास के सैन्य अधिकारियों, सहायक सैन्य अधिकारियों और तीन अन्य अधिकारियों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया है. इन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है. यह कदम 9 मार्च को दी गई चेतावनी के बाद उठाया गया है, जिसमें सऊदी अरब ने संबंधों पर गंभीर असर पड़ने की बात कही थी.
सऊदी अरब ने साफ कहा है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा गया है कि देश अपनी रक्षा के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा.
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(ANI इनपुट के साथ)