मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध में सऊदी अरब के एयर डिफेंस ने शनिवार तड़के एक बड़े हवाई हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया है कि यह हमला रणनीतिक तौर से काफी महत्वपूर्ण शेबा ऑयल फील्ड को निशाना बनाकर किया गया था. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक एयर डिफेंस सिस्टम ने कुल 16 ड्रोन्स को नष्ट किया है. आपको बता दें कि युद्ध की शुरुआत से ही ईरान सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस पर हमले कर रहा है.
शेबा फील्ड की तरफ बढ़ रहे थे ड्रोन्स
सऊदी अरब रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, "रूब अल-खली (एम्प्टी क्वार्टर) में शेबा फील्ड की तरफ बढ़ रहे दो ड्रोन्स को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया है."
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16 ड्रोन्स को आसमान में किया गया नष्ट
- प्रवक्ता के मुताबिक चार अलग-अलग लहरों में लॉन्च किए गए कुल 16 ड्रोन्स को एम्प्टी क्वार्टर के आसमान में ही नष्ट कर दिया गया है. ये सभी मानव रहित ड्रोन्स सऊदी अरब के अहम एनर्जी प्लांट की तरफ बढ़ रहे थे.
- तुर्की अल-मलीकी ने यह भी साफ किया है कि अल खर्ज स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी.
- सऊदी अरब ने इस बैलिस्टिक मिसाइल और एक क्रूज मिसाइल को भी नष्ट कर दिया था. अरब न्यूज के मुताबिक, राजधानी रियाद के पूर्व में भी एक ड्रोन गिराया गया है.
- गौरतलब है कि यह लगातार तीसरा दिन जब राजधानी से 80 किलोमीटर दूर प्रमुख इंडस्ट्रियल शहर अल खर्ज पर हमले की कोशिश की गई है.
- शुक्रवार को भी सऊदी एयर डिफेंस ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ से आ रही 5 मिसाइलों और रियाद व अल खर्ज में कई ड्रोन्स को भी नाकाम किया गया है.
क्या है शेबा ऑयल फील्ड का महत्व
आपको बता दें कि एम्प्टी क्वार्टर यानी रूब अल-खली के काफी अंदर स्थित शेबा ऑयल फील्ड सऊदी अरब के सुपर जायंट फील्ड्स में से एक है.यह सऊदी अरब की गैस रणनीति का मुख्य केंद्र भी माना जाता है.
- शेबा ऑयल फील्ड पेट्रोकेमिकल बिजनेस को नेचुरल गैस लिक्विड्स (NGLs) की सप्लाई करने के लिए एक हाई टेक रकवरी प्लांट का इस्तेमाल करता है.
- शेबा फील्ड पर 28 फरवरी के बाद यह हमले की पहली कोशिश है. यह तनाव ईरान के खिलाफ हाल ही में हुए बड़े पैमाने पर अमेरिकी-इजरायली हवाई अभियान के बाद बढ़ा है.
- ईरान ने खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल और तेल बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं.
- सऊदी अरब के अलावा पिछले 24 घंटों के अंदर UAE ने 125 से ज्यादा ड्रोन्स और 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है.
- इन हमलों की अरब लीग और ऑर्गनइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओ ने कड़ी निंदा की है.
गल्फ काउंसिल की मीटिंग में लिया गया ये फैसला
1 मार्च 2026 को रियाद में गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल (GCC) की खास मिनिस्ट्रियल बैठक में सदस्य देशों ने विश्वासघाती ईरानी आक्रमकता के खिलाफ अपने रीजन की रक्षा करने के सामूहिक अधिकार की पुष्टि की है. इसके बाद, 3 मार्च को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में साऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर घोषित किया कि वह जवाब देने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है. कैबिनेट ने जोर देकर कहा कि देश अपने क्षेत्र, नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय लागू करेगा.
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