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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पीएम मोदी ने इजरायल पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यहां आना उनके लिए गर्व की बात है. इस दौरे में सिर्फ इमोशनल बातें ही नहीं हुईं, बल्कि बिजनेस और टेक्नोलॉजी को लेकर ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं जो आने वाले समय में दोनों देशों के आम नागरिकों की जिंदगी बदल देंगे.
इजरायल ने पीएम मोदी को 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया, जिसे उन्होंने सवा सौ करोड़ भारतीयों और भारत-इजरायल की अटूट दोस्ती को समर्पित किया. इजराल और भारत के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में 13 समझौते हुए हैं. आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक मुलाकात की बड़ी बातें.
पीएम मोदी ने नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि ये समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं.
गर्व का पल: पीएम ने कहा कि इजरायल का यह सम्मान भारत के प्रति उनके प्रेम को दिखाता है.
तेज गति: दोनों देशों के बीच संबंधों को और तेज गति देने के लिए कई राउंड की चर्चा हुई है.
इस यात्रा की सबसे बड़ी और 'कूल' खबर यह है कि अब भारत का UPI (Unified Payments Interface) इजरायल के पेमेंट सिस्टम से जुड़ने जा रहा है.
आसान लेन-देन: इस समझौते के बाद भारतीय टूरिस्ट और बिजनेसमैन इजरायल में आसानी से यूपीआई के जरिए पेमेंट कर पाएंगे.
डिजिटल क्रांति: पीएम मोदी ने इसे बेहद अहम समझौता बताया है, जो दोनों देशों के डिजिटल इकोसिस्टम को करीब लाएगा.
डिफेंस और हाई-टेक सेक्टर में भारत और इजरायल पहले से ही पार्टनर हैं, लेकिन अब इसे एक नए लेवल पर ले जाया जा रहा है:
Critical Technology: दोनों देशों ने क्रिटिकल टेक्नोलॉजी स्थापित करने पर समझौता किया है. इसका मतलब है कि अब हाई-टेक मशीनें और चिप्स जैसी चीजें मिलकर बनाई जाएंगी.
Bilateral Investment: द्विपक्षीय निवेश समझौते (Bilateral Investment Treaty) पर भी चर्चा हुई है, जिससे इजरायली कंपनियों के लिए भारत में पैसा लगाना और आसान हो जाएगा.
व्यापार को बढ़ावा देने के लिए Free Trade Agreement (FTA) पर भी बातचीत अंतिम दौर में है.
जल्द समझौता: पीएम मोदी ने उम्मीद जताई है कि एफटीए पर जल्द ही हस्ताक्षर हो जाएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच सामानों का आयात-निर्यात (Export-Import) सस्ता हो जाएगा.
व्यापारी रिश्तों में मजबूती: पिछले सालों में हुए एमओयू (MoU) ने जो नींव रखी थी, अब ये नए समझौते उसे एक मजबूत इमारत की शक्ल देंगे.
पीएम मोदी की यह इजरायल यात्रा भारत के 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को ग्लोबल पहचान दिला रही है. UPI का इजरायल पहुँचना और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में साथ आना यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी लीडर भी बन रहा है. इजरायल के साथ यह दोस्ती आने वाले समय में रक्षा, कृषि और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी.
1- पीएम मोदी को इजरायल में कौन सा सम्मान मिला?
उन्हें इजरायली संसद के प्रतिष्ठित 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया गया.
2- UPI को लेकर इजरायल के साथ क्या समझौता हुआ है?
भारत और इजरायल के यूपीआई पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए करार हुआ है, जिससे डिजिटल लेन-देन आसान होगा.
3- क्रिटिकल टेक्नोलॉजी समझौते का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि दोनों देश भविष्य की आधुनिक तकनीकों (जैसे AI, चिप्स, एडवांस डिफेंस) को मिलकर विकसित करेंगे.
4- क्या भारत और इजरायल के बीच FTA होने वाला है?
हां, पीएम मोदी ने उम्मीद जताई है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर जल्द ही समझौता हो जाएगा.
5- पीएम मोदी ने यह सम्मान किसे समर्पित किया?
उन्होंने इस सम्मान को भारत और इजरायल की गहरी दोस्ती को समर्पित किया.
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