Tax-Free Countries: सोचिए जरा, अगर आपकी सैलरी का एक भी रुपया टैक्स में न जाए तो जिंदगी कितनी आसान लगने लगे! हर महीने की कमाई पूरी आपकी जेब में रहे, सरकार को कुछ भी न देना पड़े सुनने में सपना लगता है, लेकिन हकीकत में दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जहां यह बिल्कुल संभव है. इन देशों में इनकम टैक्स नाम की कोई चीज नहीं है. लोग चाहे लाखों कमाएं या करोड़ों, सरकार उनकी आय पर एक भी पैसा नहीं काटती. कुछ देश तो इतनी सहूलियत देते हैं कि अगर आप वहां निवेश करें या प्रॉपर्टी खरीदें, तो आपको रेजिडेंसी या यहां तक कि नागरिकता भी मिल सकती है.
1/10बहरीन, कतर, ओमान, कुवैत, मोनाको, बहामास, केमैन आइलैंड्स, ब्रुनेई, बरमूडा, मालदीव और सेंट किट्स एंड नेविस जैसे देश ऐसे गिने-चुने नाम हैं जो इनकम टैक्स नहीं लेते. इनमें से ज्यादातर देश तेल की दौलत या पर्यटन से इतने अमीर हैं कि उन्हें नागरिकों या प्रवासियों से टैक्स लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती. कुछ छोटे देश अपने नियमों को इतना निवेश-फ्रेंडली बना चुके हैं कि दुनिया के अमीर लोग वहां बसने की लाइन में लगे रहते हैं.
2/10अगर आप लग्जरी लाइफ के दीवाने हैं तो बहामास आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं. यहां कोई इनकम टैक्स नहीं है, न कैपिटल गेन टैक्स और न प्रॉपर्टी टैक्स. हां, रहना थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन बदले में मिलता है नीला समंदर, विला जैसी जिंदगी और टैक्स की चिंता से पूरी आज़ादी. अगर आप यहां करीब $7.5 लाख डॉलर की प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो आपको रेजिडेंसी भी मिल सकती है.
3/10गल्फ का छोटा लेकिन दमदार देश बहरीन, टैक्स-फ्री पॉलिसी के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी बेहद आकर्षक है. यहां अगर आप करीब $5.3 लाख डॉलर की संपत्ति में निवेश करते हैं तो आपको गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम के तहत 10 साल की वीज़ा सुविधा मिल सकती है. बहरीन पूरी तरह आधुनिक, डिजिटल और एक्सपैट-फ्रेंडली है.
4/10यूरोप में अगर कोई ऐसा ठिकाना है जहां करोड़पति और अरबपति सबसे ज्यादा बसना चाहते हैं तो वो है मोनाको. फ्रांस के पास बसा यह छोटा सा देश टैक्स-फ्री है और लग्जरी लाइफ के लिए मशहूर है. यहां रेजिडेंसी पाने के लिए कम से कम €5 लाख यूरो बैंक में जमा करने पड़ते हैं. हर साल हजारों बिजनेस टायकून और F1 प्रेमी यहां बसने का सपना देखते हैं.
5/10यह देश उन लोगों के लिए है जो निवेश के साथ आज़ादी चाहते हैं. केमैन आइलैंड्स में न इनकम टैक्स है, न प्रॉपर्टी टैक्स. बस आपको वहां रहने के लिए लगभग $12 लाख डॉलर का निवेश करना होता है. यहां दुनिया के कई बड़े बैंक और फाइनेंशियल फर्म्स स्थित हैं, जो इसे “ऑफशोर टैक्स हेवन” बनाते हैं.
6/10गल्फ के ये दोनों देश भी पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं. यहां रहने वाले विदेशी नागरिकों से कोई इनकम टैक्स नहीं लिया जाता. क़तर में अगर आप लंबे समय तक रहना चाहें तो 20 साल की लीगल रेजिडेंसी के बाद स्थायी निवास मिल सकता है. वहीं ओमान निवेशकों को वीजा देकर विदेशी पूंजी आकर्षित कर रहा है. दोनों देश सुरक्षित, आधुनिक और उच्च जीवनस्तर के प्रतीक हैं.
7/10तेल के खजाने से भरे ब्रुनेई और कुवैत टैक्स-फ्री देशों की उस लिस्ट में हैं जहां नागरिकों को मुफ्त हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. हालांकि, वहां बसना या नागरिकता पाना बेहद मुश्किल है. ये देश अपने नागरिकों को तो खूब सुविधा देते हैं, लेकिन विदेशियों के लिए दरवाज़े सीमित रखते हैं.
8/10कैरेबियन सागर में स्थित यह छोटा देश अपने ‘Citizenship by Investment’ प्रोग्राम के लिए दुनिया भर में मशहूर है. अगर आप करीब $1.5 लाख डॉलर का निवेश करते हैं तो यहां की नागरिकता मिल सकती है. टैक्स फ्री लाइफ, खूबसूरत बीच और राजनीतिक स्थिरता इसे निवेशकों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं.
9/10मालदीव में ज्यादातर लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता क्योंकि वहां का टैक्स सिस्टम बहुत सीमित है. हालांकि, विदेशी नागरिकों को वहां स्थायी रूप से बसने की अनुमति नहीं है. वहीं बरमूडा में इनकम टैक्स नहीं है, लेकिन कंपनियों को कुछ पेरोल टैक्स देना पड़ता है. इन दोनों देशों में लग्जरी टूरिज्म से अरबों डॉलर की कमाई होती है.
10/10टैक्स से आज़ादी सुनने में जितनी लुभावनी लगती है, असलियत में उतनी आसान नहीं होती. ज्यादातर टैक्स-फ्री देशों में रेजिडेंसी पाने के लिए भारी निवेश, लंबी कानूनी प्रक्रिया और सख्त नियम होते हैं. इसके अलावा, वहां का जीवनयापन भी महंगा होता है. इसलिए अगर आप टैक्स-फ्री लाइफ का सपना देखते हैं, तो पहले वहां की आर्थिक और कानूनी स्थिति को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है.