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जानकारों की मानें तो तेल की कीमतें चढ़ने का असर भारत में व्यापार घाटा बढ़ने का पड़ेगा. (फोटो : PTI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA पर पाबंदी लगाई है. इसके पीछे उसका मकसद अमेरिका को OPEC सदस्यों द्वारा होने वाले कच्चे तेल का निर्यात वॉल्यूम घटाना है. इससे सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतें बढ़ेंगी. जानकारों की मानें तो तेल की कीमतें चढ़ने का असर भारत में व्यापार घाटा बढ़ने का पड़ेगा. CARE रेटिंग की रिपोर्ट की मानें तो इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं.
वेनेजुएला भारत का चौथा सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर है. इराक, सऊदी अरब और ईरान पहले 3 बड़े क्रूड सप्लायर हैं. वेनेजुएला ने अप्रैल-नवंबर 2018 के बीच भारत को कुल तेल आयात का 12% क्रूड इम्पोर्ट किया था. भारत की क्रूड जरूरतें 80% इम्पोर्ट से पूरी होती हैं. ऐसे में अगर तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में चढ़ती हैं तो इसका असर भारत में घरेलू स्तर पर पड़ेगा. तेल कंपनियों को क्रूड का बिल बढ़ी कीमतों के आधार पर चुकाना होगा.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अगर क्रूड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में चढ़ती हैं तो इससे भारत को 1.6 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा. ऐसा तब है जब दिसंबर में OPEC सदस्यों के बीच सहमति बनी थी कि वे क्रूड का उत्पादन घटा देंगी.