मिडिल ईस्ट की जंग का पहला शिकार बना पाकिस्तान? पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहली बार एक साथ बढ़ी इतनी कीमत!

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है. मिडिल ईस्ट के युद्ध के बीच तेल के दाम 55 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं. जानिए अब क्या हैं नई दरें.
मिडिल ईस्ट की जंग का पहला शिकार बना पाकिस्तान? पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहली बार एक साथ बढ़ी इतनी कीमत!

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड. (Image Source-AI)

पड़ोसी देश पाकिस्तान की जनता के लिए आज की सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं रही. आधी रात को जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब वहां की सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐसी आग लगाई कि सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार एक साथ 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी जंग की आग अब सीधे तौर पर पाकिस्तानी आवाम की जेब तक पहुंच गई है.

आधी रात को बुलाई गई एक इमरजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक, उप प्रधानमंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने इस कड़वे फैसले का एलान किया. सरकार का कहना है कि उनके पास और कोई रास्ता नहीं बचा था क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है.

क्या हैं नई दरें और कितना हुआ इजाफा

Add Zee Business as a Preferred Source

इस फैसले के बाद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. पेट्रोल की कीमत में करीब 17 फीसदी और डीजल में 20 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है.

  • पेट्रोल: पहले यह 266.17 रुपये प्रति लीटर था, जो अब बढ़कर 321.17 रुपये हो गया है.
  • डीजल: पहले इसकी कीमत 280.86 रुपये थी, जो अब 335.86 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.

यह नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं. सरकार का तर्क है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से तेल की आवक प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें काबू से बाहर हो गई हैं.

मिडिल ईस्ट की जंग ने बिगाड़ा खेल

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने साफ शब्दों में कहा कि पड़ोसी देशों में लगी यह आग अब पूरे क्षेत्र में फैल चुकी है. दरअसल, पिछले शनिवार को ईरान पर हुए हमलों और उसके बाद की जवाबी कार्रवाई ने समुद्री रास्तों को असुरक्षित बना दिया है. पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों के लिए 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) पर निर्भर है, लेकिन युद्ध की वजह से इस रास्ते से सप्लाई लगभग ठप है.

मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के दो तेल जहाज अब वैकल्पिक रास्तों से आ रहे हैं, जिसकी वजह से लागत काफी बढ़ गई है. सरकार ने यह भी माना कि यह संकट कब तक चलेगा, इसके बारे में अभी कुछ भी कहना मुश्किल है.

वर्क फ्रॉम होम का प्लान टला

हैरानी की बात यह है कि सरकार पहले एक 'नेशनल एक्शन प्लान' पर विचार कर रही थी, जिसमें तेल बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों को बंद करने जैसे उपाय शामिल थे. लेकिन फिलहाल सरकार ने सामान्य जनजीवन को चलते रहने देने का फैसला किया है.

एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा हर 15 दिन के बजाय हर हफ्ते की जाएगी. सरकार का कहना है कि जैसे ही ग्लोबल मार्केट में हालात सुधरेंगे, वे कीमतों में उतनी ही तेजी से कटौती करेंगे जितनी तेजी से अभी बढ़ोतरी की गई है.

जमाखोरों को सख्त चेतावनी

भारी बढ़ोतरी के एलान के बाद बाजार में तेल की किल्लत न हो, इसके लिए सरकार ने कमर कस ली है. पेट्रोलियम मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी तेल की जमाखोरी की या जानबूझकर कमी पैदा करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. सरकार ने दावा किया है कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद है, इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है.

पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों का नया गणित

पेट्रोल (Petrol)266.17321.1755.00
डीजल (HSD)280.86335.8655.00

क्या और बिगड़ेगी पाकिस्तान की स्थिति?

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई यह रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी वहां की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है. मिडिल ईस्ट के तनाव ने न केवल सप्लाई रोकी है बल्कि आम आदमी की रसोई और ट्रांसपोर्ट को भी महंगा कर दिया है.

अब सबकी नजरें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिकी हैं कि कब युद्ध थमेगा और कब तेल की कीमतों से राहत मिलेगी. फिलहाल तो पाकिस्तानी आवाम को इस महंगाई के साथ ही जीना होगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6