मुनीर को पाकिस्‍तान का 'आका' बनाएगा 27वां संशोधन! शहबाज-जरदारी भी ठोकेंगे सलाम...जानें कितना पावरफुल है CDF का पद

पाकिस्तान में 27वां संविधान संशोधन सीनेट के उच्‍च सदन में पास होने के बाद अब निचले सदन में पेश किया जाएगा. अगर ये वहां भी पास हो जाता है तो इसे राष्‍ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और उसके बाद जनरल असीम मुनीर देश के पहले CDF (Chief of Defence Forces) होंगे. इस बदलाव से मुनीर को इतनी ताकत मिल जाएगी कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी उनकी मंजूरी के बिना तमाम फैसले नहीं ले पाएंगे.
मुनीर को पाकिस्‍तान का 'आका' बनाएगा 27वां संशोधन! शहबाज-जरदारी भी ठोकेंगे सलाम...जानें कितना पावरफुल है CDF का पद

इन दिनों पाकिस्‍तान में जबरदस्‍त बवाल मचा है. कारण है कि पाकिस्‍तानी सरकार कानून में संशोधन करके आसिम मुनीर को वो पावर देने जा रही है, जो उन्‍हें पाकिस्‍तान का 'आका' बना देगी. दरअसल शहबाज सरकार मुनीर को तीनों सेनाओं (जल, थल और वायु) का प्रमुख बनाने के लिए संविधान में बदलाव करके उन्हें देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाए जाने की तैयारी में है. अगर ऐसा होता है तो मुनीर की ताकत इतनी बढ़ जाएगी कि राष्‍ट्रपति-प्रधानमंत्री भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे. संसद की प्रक्रिया के अलावा उन्हें हटाने का कोई तरीका नहीं होगा.

दरअसल संसद के ऊपरी सदन सीनेट में शनिवार को 27वां संविधान संशोधन बिल पेश कर दिया गया. इस बिल के जरिए अति महत्वपूर्ण अनुच्छेद 243 में बदलाव किया जाना है. नए संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का नया पद बनाया गया है, जो तीनों सेनाओं – थलसेना, नौसेना और वायुसेना की कमान संभालेगा. बता दें कि इस अनुच्छेद के अनुसार, अभी सेना की सर्वोच्च कमान राष्ट्रपति के पास है.

6 महीने पहले हुए थे प्रमोट

Add Zee Business as a Preferred Source

बता दें कि मई में ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्हें प्रमोट करके पाकिस्तान सरकार ने फील्ड मार्शल का दर्जा दिया था. बता दें कि फील्ड मार्शल एक फाइव स्टार रैंक जो कि जनरल यानी 4 स्टार से ऊंची मानी जाती है. पाकिस्तान में फील्ड मार्शल का पद सेना, नौसेना और वायुसेना में सबसे ऊपर का होता है.

कितनी होगी CDF की ताकत

संशोधन के बाद पाकिस्तान में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों की नियुक्ति करेंगे. हालांकि, तीनों सेनाओं का समग्र नियंत्रण CDF (Chairman of Defence Forces) के पास ही रहेगा.

नई व्यवस्था के तहत एक नया अहम पद ‘कमांडर ऑफ नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड’ बनाया जा रहा है. ये अधिकारी देश के परमाणु हथियारों और रणनीतिक बलों की निगरानी करेगा. इस पद पर भी सेना का ही कोई वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त होगा, जिसे CDF की सिफारिश पर प्रधानमंत्री नामित करेंगे. इस बदलाव से पाकिस्तान के परमाणु नियंत्रण पर आर्मी चीफ का प्रभाव और गहराएगा.

संशोधन में ये भी प्रावधान है कि जो अधिकारी फाइव-स्टार रैंक तक पहुंचेंगे, उन्हें विशेष दर्जा (Special Status) दिया जाएगा. ऐसे अधिकारी जीवनभर यूनिफॉर्म पहनने के हकदार होंगे और अपने रैंक से जुड़े सभी विशेषाधिकार बनाए रखेंगे. मतलब साफ है कि ये बदलाव जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी बना देगा.

विपक्ष का विरोध

विपक्षी दलों ने इस संशोधन का कड़ा विरोध करते हुए इसे पाकिस्तान के संविधान के लिए खतरा बताया है. इसको लेकर देशभर में रविवार को प्रदर्शन हुए. विपक्ष का आरोप है कि इस संशोधन से संविधान का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. विपक्षी समूहों के एक गठबंधन तहरीक-ए-तहाफुज आईन-ए-पाकिस्तान (TTAP) ने रविवार को देशभर में इसके खिलाफ जुलूस निकाले हैं. इसमें इमरान खान की PTI के अलावा MWM, PkMAP, BNP-M और SIC शामिल हैं.

निचले सदन में 14 को होगी वोटिंग

बता दें कि संसद में 27वां संशोधन विधेयक पास पाकिस्तान की संसद के उच्च सदन सीनेट में शनिवार को पेश किया गया था, जो पास हो गया है. अब इसे चर्चा और वोटिंग के लिए निचले सदन में भेजा जाना है. इस पर 14 नवंबर को वोटिंग होगी. अगर ये वहां से भी दो-तिहाई (2/3) बहुमत मिल जाता है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

भारत में भी है CDF से मिलता-जुलता पद

भारत में ठीक इसी तरह CDS यानी Chief of Defence Staff का पद है. मौजूदा समय में CDS अनिल चौहान इस पद पर कार्यरत हैं. भारत में 2019 में केंद्र सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद बनाया और जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस नियुक्त किए गए थे. इस पद का मकसद सेना के तीनों अंगों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाना और रक्षा जरूरतों और खरीद की प्राथमिकताएं तय करना है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6