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Strait of Hormuz (Pic Credit: Reuters)
ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में चल रही नाकेबंदी के बीच बड़ी राहत आई है. न्यूयॉर्क स्थित ईरानी मिशन ने घोषणा की है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गैर-शत्रु जहाजों को गुजरने की परिमिशन दे दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में ईरानी मिशन ने इस फैसले से जुड़ी कई अहम शर्तें भी साफ की हैं. ईरानी मिशन के बयान के मुताबिक, दूसरे देशों से जुड़े या उनके गैर-शत्रु जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के सुरक्षित रास्ते का लाभ उठा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा.
ईरानी मिशन के बयान के मुताबिक, जहाजों को ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता की घटनाओं में न तो हिस्सा लेना चाहिए और न ही ऐसे किसी भी काम का सपोर्ट करना चाहिए.
सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान का कहना है कि यह फैसला ईरानी क्षेत्र पर हो रहे हमलों के मद्देनजर लिया गया है.
ईरान ने दी है चेतावनी
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज कच्चे तेल और LNG के ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक बहुत ही जरूरी जलमार्ग है. इसी वजह से हाल के दिनों में तेल और गैस की कीमतों में अचानक बहुत तेजी और उतार-चढ़ाव देखने को मिला था.
तेल की कीमतों में आई गिरावट
सवाल: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर क्या ऐलान किया है?
जवाब: ईरान ने गैर शत्रु जहाजों को कुछ सख्त शर्तों के साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने की परमिशन दी है.
सवाल: जहाजों को गुजरने के लिए किन शर्तों को मानना होगा?
जवाब: जहाजों को कॉर्डिशन करना होगा, सुरक्षा नियमों को मानना पड़ेगा. ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रामकता में शामिल नहीं होना होगा.
सवाल: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का व्यापारिक महत्व क्या है?
जवाब: फारस की खाड़ी को हॉर्मुज स्ट्रेट अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया भर में कच्चे तेल और LNG ट्रांसपोर्टेशन के लिए अहम रास्ते हैं.
सवाल: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने युद्ध को लेकर क्या दावा किया है?
जवाब: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है. ईरान की नेवी और एयर फोर्स पूरी तरह से तबाह हो गई है.
सवाल: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के फैसले का कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
जवाब: ब्रेंट क्रूड 5.9 फीसदी गिरकर 94.42 डॉलर और अमेरिकी क्रूड 5.1 फीसदी गिरकर 87.65 डॉलर प्रति बैरल पर आया है.
(ANI इनपुट्स के साथ)