&format=webp&quality=medium)
ईरान-इजरायल में मिसाइल हमले तेज
दुनिया के एक हिस्से में इस वक्त जो मंजर है, वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है. मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया की जमीन आज मिसाइलों और ड्रोनों के शोर से गूंज रही है. ईरान और इजराइल के बीच बढ़ा तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता धुंधला दिखाई दे रहा है.
इस युद्ध की आग लेबनान तक पहुंच गई है. इजराइल की कार्रवाई वहां इतनी तेज हो गई है कि आम सैनिकों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं. लेकिन सबसे बड़ी चिंता समुद्र को लेकर है. दुबई के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने यह साफ कर दिया है कि अब पानी के रास्ते भी सुरक्षित नहीं रहे. इस पूरी हलचल के बीच भारत के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबरें हैं.
ईरान और इजराइल के बीच की दुश्मनी अब खुलकर सामने आ गई है. दोनों तरफ से एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो गए हैं. तेहरान, येरुशलम और बेरूत जैसे बड़े शहरों में लगातार धमाके हो रहे हैं. हमलों का दायरा हर बीतते घंटे के साथ बढ़ता जा रहा है. लेबनान के मोर्चे पर इजराइल ने अपनी सैन्य ताकत पूरी तरह झोंक दी है. इस जमीनी और हवाई हमले में कई सैनिकों की जान जा चुकी है, जो दुनिया के लिए एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा कर रहा है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-
जंग जब जमीन से निकलकर समुद्र में पहुंचती है, तो वह पूरी दुनिया की इकोनॉमी को हिला देती है. दुबई के पास एक तेल टैंकर पर ईरानी हमला होने की खबर ने समुद्री व्यापार में लगे लोगों की नींद उड़ा दी है. सबसे ज्यादा डर 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर है.
यह वो समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल की सप्लाई पाता है. अगर यह रास्ता प्रभावित होता है, तो पूरी दुनिया में तेल का संकट खड़ा हो जाएगा और कीमतें आसमान छूने लगेंगी. खाड़ी क्षेत्र में फैली इस अस्थिरता ने वैश्विक तेल बाजार में चिंता की लहर दौड़ा दी है.
इस बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने भी अपनी कमर कस ली है. उसने इलाके में अपनी अतिरिक्त सैन्य तैनाती कर दी है. अमेरिका का यह कदम दो तरफा इशारा है- एक तरफ वह अपनी सैन्य शक्ति से सख्ती दिखाना चाहता है, तो दूसरी तरफ वह कूटनीति के जरिए मामले को शांत करने की कोशिश में भी लगा है. दुनिया के कई और देश भी कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं ताकि इस आग को और फैलने से रोका जा सके, लेकिन फिलहाल जमीन पर हालात काबू से बाहर ही दिख रहे हैं.
इस भीषण तनाव के बीच भारत अपने हितों की रक्षा में लगा है. हमारे लिए अच्छी खबर यह है कि भारतीय लिंक वाला एक जहाज आज सुरक्षित भारत पहुंचने वाला है. इसके अलावा, एक और जहाज कल तक भारत पहुंच जाएगा. सरकार और संबंधित एजेंसियां इन जहाजों की सुरक्षित निकासी और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन में दिन-रात लगी हुई हैं. युद्ध के इलाके में फंसे जहाजों को बाहर निकालना इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे भारतीय टीम बखूबी अंजाम दे रही है.
Q. ईरान और इजराइल के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?
A- दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है. तेहरान और येरुशलम जैसे शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल गई है.
Q. तेल की सप्लाई पर इस युद्ध का क्या असर पड़ रहा है?
A- दुबई के पास तेल टैंकर पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में हलचल की वजह से वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर बड़ी चिंता पैदा हो गई है. इससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं.
Q. क्या इस तनाव में संयुक्त राष्ट्र को भी नुकसान हुआ है?
A- जी हां, लेबनान में इजराइल की कार्रवाई के दौरान संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति सैनिकों की मौत की खबरें सामने आई हैं.
Q. भारत के जहाजों को लेकर क्या ताजा जानकारी है?
A- भारत के लिए राहत की खबर है. एक भारतीय-लिंक्ड जहाज आज भारत पहुंच जाएगा और दूसरा जहाज कल पहुंचने की उम्मीद है. उनकी सुरक्षा के लिए ऑपरेशन जारी हैं.
Q. अमेरिका इस मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?
A- अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त सेना की तैनाती की है. वह सख्ती दिखाने के साथ-साथ कूटनीतिक रास्तों से भी तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है.