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( प्रतीकात्मक फोटो: AI)
Iran US Tension: पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ईरान को दी गई 48 घंटे की मोहलत अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला गया, तो ईरान को 'नर्क' जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा.
समय सीमा: ट्रंप ने 4 अप्रैल को भारतीय समयानुसार शाम 7:35 बजे 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर 48 घंटे की मोहलत दी थी.
मेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस: आज रात भारतीय समयानुसार 11:30 बजे राष्ट्रपति ट्रंप एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य या आर्थिक कदमों की घोषणा संभव है.
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ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान को सीधी धमकी देते हुए कहा है कि उनके पास अब महज कुछ ही घंटे शेष हैं. ट्रंप का रुख साफ है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले हॉर्मुज रूट पर ईरान की पकड़ उन्हें बर्दाश्त नहीं है.
ट्रंप ने कहा, ईरान के पास सिर्फ एक दिन बाकी है. अगर उन्होंने बात नहीं मानी, तो वे ऐसी स्थिति में होंगे जिसे दुनिया ने 'नर्क' कहा है. हॉर्मुज को खोल दो, वरना खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहो.
पूरी दुनिया की निगाहें अब वॉशिंगटन पर टिकी हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर डेडलाइन खत्म होने तक ईरान ने झुकने के संकेत नहीं दिए.
यह महज एक जुबानी जंग नहीं है. ट्रंप का इतिहास रहा है कि वे अप्रत्याशित फैसले लेते हैं. 48 घंटे की यह मोहलत खत्म होने का मतलब है कि अमेरिका अब 'डिप्लोमेसी से हटकर 'एक्शन' मोड में आ गया है.
Q1. Donald Trump ने ईरान को डेडलाइन क्यों दी?
ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए डेडलाइन दी है ताकि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जा सके और वैश्विक तेल सप्लाई बाधित न हो.
Q2. हॉर्मुज जलडमरूमध्य इतना अहम क्यों है?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
Q3. अगर ईरान डेडलाइन नहीं मानता तो क्या होगा?
सैन्य कार्रवाई, कड़े आर्थिक प्रतिबंध
Q4. क्या इससे युद्ध की स्थिति बन सकती है?
हां, अगर तनाव और बढ़ता है तो अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव संभव है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष फैल सकता है.
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