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आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. पिछले 4 हफ्तों से चल रहे इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध में अचानक शांति की सुगबुगाहट तेज हो गई है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए न केवल युद्ध को रोकने के संकेत दिए, बल्कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर एक ऐसा फॉर्मूला पेश किया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. आइए, इस 'ट्रंप कार्ड' के मुख्य बिंदुओं को समझते हैं.
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह गला है जहां से वैश्विक तेल व्यापार का 20-25% हिस्सा गुजरता है. युद्ध की वजह से यह रास्ता बंद पड़ा था, जिससे दुनिया भर में गैस और तेल की कीमतें बढ़ रही थीं.
ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा, "इसका नियंत्रण संयुक्त होगा. मैं और अयातुल्ला (ईरान के सर्वोच्च नेता)."
नया नेतृत्व: ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि वे मिलकर इस रूट को मैनेज करेंगे, ताकि दुनिया को ऊर्जा संकट से बचाया जा सके.
जल्द बहाली: राष्ट्रपति के अनुसार, अगर बातचीत इसी तरह सफल रही तो यह रास्ता "बहुत जल्द" व्यापार के लिए खुल जाएगा.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बड़ा ऐलान किया:
हमलों पर ब्रेक: उन्होंने अमेरिकी 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' (युद्ध विभाग) को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा केंद्रों पर अगले 5 दिनों तक कोई हमला न किया जाए.
सकारात्मक बातचीत: ट्रंप ने पिछले दो दिनों की बातचीत को "गहन, विस्तृत और रचनात्मक" बताया है. उन्होंने कहा कि बातचीत का लहजा (Tenor and Tone) इतना अच्छा है कि सैन्य कार्रवाई को टाला जा सकता है.
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि ईरान के अंदर हालात बदल रहे हैं:
नेतृत्व पर चोट: उन्होंने कहा कि शुरुआती हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को काफी नुकसान पहुंचाया गया है.
नया चेहरा: ट्रंप ने संकेत दिया कि वे ईरान के भीतर कुछ "समझदार और ठोस" लोगों से बात कर रहे हैं, जो शायद भविष्य में ईरान की कमान संभाल सकते हैं. उन्होंने इसे एक "गंभीर शासन परिवर्तन" करार दिया.
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विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम दो वजहों से अहम है:
तेल की कीमतें: अमेरिका में बढ़ती गैस की कीमतों ने ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है. हॉर्मुज खुलने से तेल की कीमतें नीचे आएंगी.
जीत का दावा: ट्रंप यह दिखाना चाहते हैं कि उन्होंने युद्ध को केवल ताकत से नहीं, बल्कि अपनी 'डीलिंग' (Diplomacy) से सुलझाया है.
अगर अगले 5 दिनों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाता है, तो यह 2026 की सबसे बड़ी आर्थिक खबर होगी. ट्रंप और ईरान के अयातुल्ला के बीच 'संयुक्त नियंत्रण' की बात सुनने में जितनी अजीब लगती है, हकीकत में यह वैश्विक शांति का रास्ता भी हो सकती है. फिलहाल, दुनिया की सांसें थमी हुई हैं और सबकी नजरें तेहरान और वॉशिंगटन की अगली मुलाकात पर टिकी हैं.
1- मुजतबा खामेनेई कौन हैं?
वे ईरान के नए नियुक्त सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) हैं, जिनके साथ ट्रंप प्रशासन बातचीत कर रहा है.
2- 5 दिन के बाद क्या होगा?
यदि बातचीत सफल रही तो यह रोक बढ़ाई जा सकती है, वरना ट्रंप ने फिर से सैन्य हमलों की चेतावनी दी है.
3- हॉर्मुज के खुलने से भारत को क्या फायदा होगा?
भारत को अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मिलता है. इसके खुलने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं और आज शाम ही भारत के दो LPG जहाज वहां से सुरक्षित निकले भी हैं.
4- क्या ट्रंप का 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' सच में है?
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में रक्षा विभाग (Pentagon) के लिए अक्सर इस शब्द का प्रयोग किया है, जो उनकी सख्त नीति को दर्शाता है.
5- क्या ईरान वाकई 'संयुक्त नियंत्रण' के लिए मान जाएगा?
यह कहना मुश्किल है, लेकिन ट्रंप का दावा है कि ईरानी पक्ष से बहुत "सकारात्मक" प्रतिक्रिया मिल रही है.
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