इजरायल का ईरान पर हमला, सैन्य ठिकानों और मिलिट्री न्यूक्लियर साइट्स को बनाया निशाना

इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया है. तेहरान में हुए इस हमले से कई इमारतों में आग लग गई और धुएं के गुबार उठते दिखे. इस हमले में ईरान के सेना प्रमुख मोहम्मद बाघेरी और एक प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक के भी मारे जाने की खबर सामने आ रही है.
इजरायल का ईरान पर हमला, सैन्य ठिकानों और मिलिट्री न्यूक्लियर साइट्स को बनाया निशाना

इजरायल ने आज शुक्रवार को ईरान पर हमला कर दिया है. इस बीच इजरायल ने तेहरान के रिहायशी इलाकों और मिलिट्री न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है. तेहरान में हुए इस हमले से कई इमारतों में आग लग गई और धुएं के गुबार उठते दिखे. इस हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है. इसके बाद इजरायली सेना ने एक बयान जारी कर ईरान पर हमले की पुष्टि की. बयान में कहा गया कि हमलों में सैन्य कमान के लक्ष्य, सैन्य ठिकाने, मुख्यालय और परमाणु स्थल शामिल थे.

इजरायल में इमरजेंसी घोषित

इस हमले के बाद इजरायल ने देशभर में इमरजेंसी घोषित कर दी है. साथ ही इजरायल के एक रक्षा अधिकारी ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के सेना प्रमुख मोहम्मद बाघेरी और एक प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं. बता दें कि इजरायल के ईरान पर हुए इस हमले के बाद कच्‍चे तेल की कीमतों में 12 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है.

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राष्‍ट्र संबोधन में ये बोले इजरायली पीएम

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- ये हमला हमने इसलिए किया है क्‍योंकि ईरान ने परमाणु बनाने की दिशा में बहुत खतरनाक कदम उठाए हैं. उसके पास 9 परमाणु बम तैयार करने के‍ लिए यूरेनियम है और 20 बैलेस्टिक मिसाइलें तैयार करने का प्‍लान है. ये मिसाइलें कभी भी इजरायल तक पहुंच सकती हैं. उन्‍होंने कहा कि ईरान के पास हमें नुकसान पहुंचाने की बड़ी क्षमता है. हमने इसके लिए भी तैयारी कर ली है. मैं इजराइली नागरिकों से अगले कुछ दिनों तक सहयोग करने की अपील करता हूं.

यूएस ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल नहीं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि यूएस ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल नहीं है.
'द व्हाइट हाउस' के 'एक्स' हैंडल पर विदेश मंत्री के हवाले से लिखा गया, “आज रात (अमेरिकी समय के अनुसार), इजरायल ने ईरान के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की. हम ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल नहीं हैं. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता क्षेत्र में अमेरिकी सेना की सुरक्षा करना है.”

उन्होंने आगे कहा, “इजरायल ने हमें बताया कि उनके मुताबिक यह कार्रवाई उनकी आत्मरक्षा के लिए जरूरी थी. राष्ट्रपति ट्रंप और प्रशासन ने हमारी सेना की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं और हमारे क्षेत्रीय भागीदारों के साथ संपर्क में बने हुए हैं. मैं स्पष्ट कर दूं- ईरान को अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना नहीं बनाना चाहिए.” ये हमले तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके कथित खतरे को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुए, जिससे ईरान में तनाव काफी बढ़ गया है. इसके साथ ही लंबे समय से चले आ रहे प्रतिद्वंद्वियों के बीच व्यापक संघर्ष की आशंका भी बढ़ गई है.

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