बेंजामिन नेतन्याहू करने वाले हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस, क्या ईरान के खिलाफ होगा आर-पार का एलान!

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू आज रात 12 बजे एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं. 28 फरवरी से ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच यह उनका दूसरा बड़ा संबोधन है. जानिए क्या होगा खास.
बेंजामिन नेतन्याहू करने वाले हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस, क्या ईरान के खिलाफ होगा आर-पार का एलान!

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू.

दुनिया भर की नजरें आज रात ठीक 12 बजे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर टिकी होंगी. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए भीषण युद्ध के बाद यह नेतन्याहू की दूसरी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.

भारतीय समयानुसार आधी रात को होने वाला यह संबोधन सिर्फ एक रूटीन अपडेट नहीं है, बल्कि माना जा रहा है कि नेतन्याहू इसमें कोई बड़ा सैन्य या कूटनीतिक फैसला सुना सकते हैं. जिस तरह से हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ा है, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहमियत को कई गुना बढ़ा दिया है.

हॉर्मुज की नाकाबंदी पर दुनिया का 'पावर' रिस्पॉन्स

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एक तरफ नेतन्याहू की तैयारी है, तो दूसरी तरफ दुनिया के 6 ताकतवर देशों ने एक साथ आकर ईरान को सख्त संदेश दे दिया है. यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने एक साझा बयान जारी कर हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है. इन देशों ने साफ कहा है कि हॉर्मुज को बंद करने की कोशिश या वहां जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.

इन 6 देशों का मानना है कि हॉर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की 'एनर्जी लाइफलाइन' है. अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट में अस्थिरता आ जाएगी, जिससे हर देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा.

6 देशों की चेतावनी

साझा बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही हर हाल में सुरक्षित होनी चाहिए. इन देशों ने ईरान से अपील की है कि वह फौरन हमले बंद करे. उनका कहना है कि समुद्री सुरक्षा और आवाजाही का अधिकार अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सभी देशों के लिए जरूरी है. एनर्जी मार्केट को स्थिर रखने के लिए ये 6 देश अब कोई भी कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. शांति और सुरक्षा की यह अपील उस वक्त आई है जब इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अपने सबसे संवेदनशील मोड़ पर है.

शांति या भीषण युद्ध?

प्रधानमंत्री नेतन्याहू की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. 28 फरवरी से जारी इस जंग ने पहले ही पश्चिम एशिया का नक्शा बदलने की स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक दबाव है, तो दूसरी तरफ इजरायल की अपनी सुरक्षा का सवाल. क्या नेतन्याहू हॉर्मुज को लेकर कोई नया सैन्य ऑपरेशन शुरू करेंगे या फिर दुनिया के इन 6 देशों के साथ मिलकर कोई साझा रणनीति बनाएंगे? इसका जवाब आज रात 12 बजे मिलने वाला है.

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