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भारत सरकार ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीयों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. (प्रतीकात्मक: AI)
ईरान पर इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं. तनाव सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं रहा- इसका असर दुबई जैसे बड़े ट्रांजिट हब तक पहुंच गया.
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को एहतियातन खाली कराया गया, दुबई के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ऑपरेशन रोक दिए गए, और भारत से उड़ान भर चुकी कई फ्लाइट्स को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा.
आखिर पूरा मामला क्या है और इसका असर भारत पर कितना गंभीर है? आइए समझते हैं.
तनाव बढ़ने के बीच दुबई में धमाकों जैसी आवाजें सुने जाने की खबरें आईं. एहतियाती कदम उठाते हुए बुर्ज खलीफा को खाली कराया गया. हालांकि, आधिकारिक स्तर पर हर दावे की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़भाड़ वाले इलाकों को खाली कराने में देर नहीं की.

हां, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DWC) पर उड़ानों का संचालन अगले आदेश तक रोक दिया गया.
यात्रियों को साफ सलाह दी गई कि वे एयरपोर्ट न पहुंचें और अपनी एयरलाइंस से सीधे संपर्क करें.
यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कई खाड़ी देशों ने एहतियातन अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था.
ईरान और इजरायल के बीच तनाव के बाद कई मध्य-पूर्व देशों ने सावधानी बरतते हुए एयरस्पेस पर रोक लगा दी.
इनमें शामिल हैं:
भारत के DGCA ने भी एयरलाइंस को 2 मार्च तक इन देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह दी है.

सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर दिखा.
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, कुछ उड़ानें कई घंटे हवा में रहीं और फिर एयरस्पेस की स्थिति देखते हुए लौटने का फैसला लिया गया.

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि वह सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन में बदलाव करेगी.
यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए.
इंडिगो ने भी कहा कि वह क्षेत्रीय हालात पर बारीकी से नजर रख रही है और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है.
मिडिल ईस्ट के लिए उड़ानें ठप होने से भारत के कई एयरपोर्ट प्रभावित हुए:
UAE में भारतीय दूतावास और कांसुलेट अलर्ट पर हैं.
भारत सरकार ने ईरान और इजरायल में रह रहे भारतीयों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
ईरान में 10,000 से ज्यादा भारतीय हैं, जबकि इजरायल में 41,000 से ज्यादा भारतीय नागरिक रह रहे हैं.
स्थिति अभी भी तेजी से बदल रही है.
अगर तनाव और बढ़ता है, तो:
अगर आप मिडिल ईस्ट की यात्रा की योजना बना रहे हैं:
अगर आपके परिवार के सदस्य वहां हैं:
इजरायल–ईरान टकराव का असर अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है. दुबई जैसे वैश्विक ट्रांजिट हब पर उड़ानें ठप होना बताता है कि स्थिति कितनी संवेदनशील है. भारतीय यात्रियों और एयरलाइंस पर इसका सीधा असर पड़ा है. आगे क्या होगा, यह क्षेत्रीय हालात और वैश्विक प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा- लेकिन फिलहाल आसमान में अनिश्चितता छाई हुई है.