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Israel Hamas ceasefire: दो साल से जारी खूनी जंग के बीच अब इज़राइल और हमास के बीच शांति की एक नई उम्मीद जगी है. दोनों पक्षों ने युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति जताई है और इसके साथ ही बचे हुए इज़राइली बंधकों की रिहाई और फ़लस्तीनी क़ैदियों के अदला-बदली पर भी डील हो गई है. इस समझौते को मिस्र में औपचारिक रूप से साइन किया जाएगा.
यह बड़ी डील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मध्यस्थता से हुई है. ट्रंप ने बुधवार रात खुद इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “सभी बंधक सोमवार को घर लौट आएंगे.” इस ऐलान के बाद तेल अवीव में खुशी और राहत के मिले-जुले जज़्बात देखने को मिले, वहीं गाज़ा में लोगों ने इसे उम्मीद की किरण बताया.
समझौते के तहत हमास आने वाले कुछ दिनों में सभी जीवित बंधकों को रिहा करेगा, जबकि इज़राइल सेना गाज़ा के अधिकांश हिस्सों से अपनी फौज पीछे हटाना शुरू करेगी. वहीं, इज़राइली संसद इस डील को मंजूरी देने के लिए बैठक करेगी और इसके बाद फ़लस्तीनी क़ैदियों की लिस्ट जारी की जाएगी.
मिस्र और हमास से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, रविवार रात या सोमवार से रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. शुरुआती चरण में 400 ट्रक राहत सामग्री के साथ गाज़ा में प्रवेश करेंगे और बाद में यह संख्या बढ़ाकर 600 तक की जाएगी.
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा, "अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत की और ऐतिहासिक गाज़ा शांति योजना की सफलता पर उन्हें बधाई दी. साथ ही, व्यापार वार्ता में हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की. आने वाले हफ़्तों में नज़दीकी संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी."
यह डील मिस्र में साइन होगी और इसमें कैदियों की लिस्ट, गाज़ा से सेना हटाने का रोडमैप और सीमाओं के नक्शे शामिल होंगे. डील के बाद पांच बॉर्डर क्रॉसिंग फिर से खोले जाएंगे, जिनमें रफ़ा बॉर्डर भी शामिल है.
जानकारों के मुताबिक, यह तीसरा युद्धविराम होगा. इससे पहले जनवरी में हुआ सीज़फायर मार्च में अचानक इज़राइली बमबारी के साथ खत्म हो गया था. इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि समझौता लंबा चलेगा.
डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में तैयार इस प्लान के तहत, इज़राइल गाज़ा की सीमाओं पर अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा. वहीं, गाज़ा की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी अरब और मुस्लिम देशों की संयुक्त अंतरराष्ट्रीय फोर्स संभालेगी. अमेरिका बड़े पैमाने पर गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय फंडिंग का नेतृत्व करेगा.
इस योजना में भविष्य में फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी की भूमिका का भी ज़िक्र है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब अथॉरिटी में बड़े पैमाने पर सुधार किए जाएं. हालांकि, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार कहा है कि वह स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राज्य के विचार का विरोध करते हैं.
तेल अवीव में बंधकों के परिवारों ने ट्रंप के ऐलान के बाद जश्न मनाया. कई लोगों ने कहा कि “दो साल की दहशत के बाद आखिरकार उम्मीद लौट आई है.” वहीं, गाज़ा के खान यूनिस शहर में लोग खुशी के साथ ग़म भी जता रहे हैं.
एक स्थानीय व्यक्ति मोहम्मद अल-फर्रा ने कहा, “हम खुश हैं लेकिन अधूरे. हमने अपने परिवार, दोस्त और घर सब कुछ खो दिया. अब जिन इलाकों में लौटना है, वो रहने लायक नहीं बचे.”
इज़राइली वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोटरिच ने इस डील पर “मिश्रित भावनाएं” जताईं. उन्होंने कहा कि बंधकों की वापसी स्वागतयोग्य है, लेकिन “जेल खाली करने और नए आतंकवादी नेताओं को बाहर आने देने का खतरा” भी बना हुआ है.
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ जब हमास ने इज़राइल पर घातक हमला किया. इस हमले में 1,200 से ज्यादा इज़राइली मारे गए और 251 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया. इसके बाद इज़राइल ने गाज़ा पर जवाबी कार्रवाई शुरू की.
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 67,000 से ज्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं और करीब 1.7 लाख घायल हुए हैं. मरने वालों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं. संयुक्त राष्ट्र और स्वतंत्र विशेषज्ञ इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानते हैं.
गाज़ा के दीर अल-बालाह इलाके के निवासी अला अब्द रब्बो ने कहा, “यह दिन हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. अब बस अपने घर लौटने की आस है.” वहीं, खान यूनिस के ऐमन साबिर ने कहा, “हम अपने घर दोबारा बनाएंगे, हम गाज़ा को फिर से जिंदा करेंगे.”
हालांकि कई लोगों को अब भी डर है कि कहीं यह समझौता पिछले समझौतों की तरह टूट न जाए. लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका की प्रत्यक्ष भूमिका के चलते शांति की उम्मीदें पहले से ज्यादा मजबूत दिख रही हैं.
FAQs
1. इज़राइल और हमास के बीच डील कब हुई?
यह डील गुरुवार को फाइनल हुई और औपचारिक रूप से मिस्र में साइन की जाएगी.
2. इस समझौते के तहत क्या-क्या होगा?
हमास सभी जीवित बंधकों को छोड़ेगा, इज़राइल सेना गाज़ा से पीछे हटेगी और फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा.
3. क्या यह युद्धविराम स्थायी है?
फिलहाल इसे शुरुआती चरण का सीज़फायर माना जा रहा है, आगे की शर्तों पर अमल होने पर यह स्थायी बन सकता है.
4. इस डील में अमेरिका की क्या भूमिका है?
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिकी नेतृत्व का वादा किया है.
5. अब तक इस युद्ध में कितने लोग मारे गए हैं?
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 67,000 से अधिक फ़लस्तीनी और 1,200 से ज्यादा इज़राइली मारे जा चुके हैं.
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