इराक से लेकर भूमध्य सागर तक अमेरिका का पहरा, फिर भी इजरायल पहुंच रहे हैं ईरान के मिसाइल, 5 लेयर डिफेंस भी फेल

ईरान ने अभी तक कुल 13 देशों पर मिसाइल से अटैक किया है. ईरान की मिसाइल इजरायल पहुंचने से पहले कई देशों के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार ट्रैकिंग और मॉर्डन एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देना होता है.
इराक से लेकर भूमध्य सागर तक अमेरिका का पहरा, फिर भी इजरायल पहुंच रहे हैं ईरान के मिसाइल, 5 लेयर डिफेंस भी फेल

ईरान, इजरायल-अमेरिका की जंग की जद में आया मध्यपूर्व सुलग रहा है. तेहरान और तेल अवीव लगातार एक दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे हैं. ईरान ने अब तक 13 देशों पर हमला किया है, जिसमें अमेरिकी एयरबेस पर निशाना साधा जा रहा है. गौरतलब है कि ईरान से कोई बैलेस्टिक या क्रूज मिसाइल इजरायल की तरफ दागी जाती है तो उसे एक नहीं बल्कि कई देशों, रडार ट्रैकिंग और मॉर्डन एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देना पड़ता है.

इराक में तैनात पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम

ईरान से दागी गई मिसाइल को सबसे पहले इराक के ऊपर से गुजरना पड़ता है. इराक में अमेरिका का पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात है.

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सीरिया, जॉर्डन के एयरस्पेस से गुजरती है मिसाइल

  • ईरानी मिसाइलों को सबसे पहले पैट्रियट अमेरिकी डिफेंस सिस्टम को पार करना होता है.
  • अमेरिकी सिस्टम से बचने के बाद मिसाइल सीरिया और जॉर्डन के एयरस्पेस से होकर गुजरती है.
  • सीरिया और जॉर्डन के एयरस्पेस में इजरायली एयरफोर्स के फाइटर जेट्स लगातार निगरानी करते हैं.
  • सीरिया और जॉर्डन में रडार ट्रैकिंग के जरिए मिसाइलों पर नजर रखी जाती है
  • जॉर्डन के एयरस्पेस में जब मिसाइल पहुंचती है उसे हवा में ही इंटरसेप्ट करने की कोशिश की जाती है.

भूमध्य सागर में एंटी मिसाइल सिस्टम

ईरान की मिसाइल यदि एयरस्पेस को पार करके आगे बढ़ भी जाए तो उसे भूमध्य सागर में तैनात अमेरिकी नेवल वॉरशिप अपनी एंटी-मिसाइल सिस्टम के साथ ट्रैक करते हैं. मिसाइल को जमीन, हवा और समंदर तीनों जगह से रोकने की कोशिश की जाती है.

पांच लेयर्स वाला मिसाइल डिफेंस सिस्टम

  • ईरानी मिसाइल यदि इजरायल पहुंचती है तो उसे अभेद्य माने जाने वाले मल्टी लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सामना करना पड़ाता है.
  • इजरायल का सिस्टम पांच लेयर्स में एक्टिवेट होता है. इसमें पहला है एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोकने कोशिश करता है.
  • सुरक्षा की दूसरी परत थाड (Thad) है. तीसरा सुरक्षा घेरा पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम का होता है.
  • एयर डिफेंस की चौथी लेयर डेविड्स स्लिंग है जो मिसाइल को इंटरसेप्ट करता है.
  • पांचवां और आखिरी सुरक्षा कवच आयरन डोम है, जो सबसे अहम सुरक्षा कवच है.

Air Defence System

ईरान ने 20 साल में तैयार किया निजाम

इजरायल के इतने कड़े सुरक्षा घेरों के बावजूद ईरानी मिसाइलें इन सभी लेयरर्स को पार करके इजरायल के तेल अवीव, हाइफा, अश्कलोन और यरुशलम जैसे शहरों पर जाकर गिरती हैं, तो यह कोई आम बात नहीं है. शायद यह उस निजाम को दर्शाता है, जिसे ईरान ने पिछले 20 साल में अपने दुश्मनों का गुरूर तोड़ने के लिए तैयार किया गया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: ईरान की मिसाइलें इजरायल तक पहुंचने के लिए किन देशों से गुजरती है?

जवाब: ईरान की मिसाइलें इराक, सीरिया, जॉर्डन के एयरस्पेस से होकर गुजरती है.

सवाल: इराक में मिसाइलों को रोकने के लिए कौन सा सिस्टम तैनात है?

जवाब: इराक में अमेरिका का पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात है.

सवाल: भूमध्य सागर में मिसाइलों को कौन ट्रैक करता है?

जवाब: भूमध्य सागर में तैनात अमेरिकी नेवल वॉरशिप अपने एंटी मिसाइल सिस्टम के जरिए ट्रैक करती है.

सवाल: इजरायल का एंटी मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम कितने लेयरों का है?

जवाब:
इजरायल का एंटी मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम कुल 5 लेयर्स का है.

सवाल: इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम के 5 लेयर के क्या नाम हैं?

जवाब:
5 लेयर का नाम: एरो, थाड, पैट्रियट, डेविड्स स्लिंग और आयरन डोम शामिल है.

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