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ईरान ने कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल शहर पर कई मिसाइल हमले किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव गहरा हो गया है. इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड के एक हिस्से पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने गलतफहमी में कतर के रास लफ्फान स्थित LNG प्लांट्स पर मिसाइल हमले किए थे. इस घटना का असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट में देखा गया है और कच्चे तेल की कीमतें 5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है. जानिए युद्ध के अभी तक के बड़े अपडेट्स.
ईरान के हमले के बाद कतर एनर्जी ने आधिकारिक बयान जारी किया है. इसमें कहा है कि 18 मार्च 2026 को रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में पर्ल GTL फैसिलिटी पर हुए हमले के बाद, 19 मार्च को सुबह उनके कई LNG प्लांट्स पर मिसाइल दागी गई है.
अमेरिक के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लटफॉर्म ट्रूथ सोशल में लिखा है कि इजारयल के हमले की अमेरिका और कतर को पूर्व जानकारी नहीं थी. कतर की इस हमले में कोई भी भूमिका नहीं थी.
इजरायल नहीं करेगा कोई हमला
न्यूज एजेंसी APTN के मुताबिक पूर्व अमेरिकी काउंटर टेररिज्म अधिकारी जो केंट ने दावा किया है कि इस फैसले से पहले प्रशान में कोई ठोस बहस नहीं हुई थी और इजरायल ने ट्रंप को इस कदम के लिए मजबूर किया है. आपको बता दें कि ईरान मे साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल गैस क्षेत्र है, जिस पर ईरान अपनी 80 फीसदी खपत पर निर्भर करता है. इस पर हमले और हॉर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने से बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है. अभी तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक मध्यपूर्व में तनाव से ईरान में कम से कम 1300 और लेबनान में 960 से ज्यादा मौतें हो चुकी है.
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने मिडिल ईस्ट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इसके मुताबिक पश्चिम एशिया हालात का भारत के ट्रेड एनवायरनमेंट पर प्रभाव पड़ा है. मौजदा उत्पाद के साथ फ्यूचर एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ा है और स्थिति चिंताजनक है. वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने सभी संबंधित विभागों की इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) बनाया है. ग्रुप की बैठक रोजाना होती है. कार्गो, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक समेत सभी विषयों और स्टेकहोल्डर्स से अपडेट है. एक्सपोर्टर्स को राहत के लिए नई योजना आज जारी होगी.