परमाणु बम पर रोक, ईरानी कच्चे तेल से बैन हटा, अमेरिका देगा $300 बिलियन का पैकेज, जानें समझौते की बड़ी बातें

ईरान और अमेरिका के बीच बीते तीन महीने से चल रहा युद्ध फिलहाल खत्म हो गया है. दोनों देशों ने इस्लामाबाद MOU पर साइन किए हैं. समझौते के तहत ईरान के कच्चे तेल के निर्यात पर लगी पाबंदी हट जाएगी. वहीं, ईरान भी संवर्धित यूरेनियम को IAEA की निगरानी में रखेगा. जानिए समझौते के मुख्य प्वाइंट्स.
परमाणु बम पर रोक, ईरानी कच्चे तेल से बैन हटा, अमेरिका देगा $300 बिलियन का पैकेज, जानें समझौते की बड़ी बातें

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर हुए साइन (Photo: Reuters/X)

ईरान और अमेरिका के बीच पिछले तीन महीने से चल रहा युद्ध आखिरकार खत्म हो गया है. दोनों देशों ने इस्लामाबाद MOU पर साइन किए हैं. इस समझौते के प्रभावी होते ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों की तत्काल और स्थायी समाप्ति की घोषणा की गई है. ड्राफ्ट ग्लोबल इकोनॉमी को प्रभावित करने वाले तीन सबसे बड़े मुद्दों- ईरान के परमाणु कार्यक्रम, कच्चे तेल के निर्यात पर लगी पाबंदियों और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में सुरक्षित व्यापार का पूरा समाधान भी पेश करता है. समझौते के ड्राफ्ट के मुताबिक 60 दिन के अंदर फाइनल डील तैयार की जाएगी, जिससे यह शांति की प्रक्रिया स्थायी होगी.

सैन्य अभियान को स्थायी तौर पर किया जाएगा खत्म

MOU के मुताबिक ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगी लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी तौर पर खत्म कर रहे हैं. दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग और धमकी से बचेंगे और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे.

ईरानी कच्चे तेल के निर्यात पर छूट

  • ड्राफ्ट के मुताबिक लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सुनिश्चित की जाएगी.
  • समझौते का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ा असर कच्चे तेल के रूप में होगा.
  • MoU साइन होते ही अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और उनसे जुड़ी बैंकिंग, इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्ट सर्विस के निर्यात के लिए तुरंत छूट जारी करेगा.

ईरान के फ्रीज किए सभी फंड्स होंगे रिलीज

अमेरिका यूएन सिक्योरिटी काउंसिल और अपनी तरफ से लगाए गए सभी प्राथमिक और अन्य प्रतिबंधों को खत्म करेगा. इसके अलावा, ईरान के फ्रीज किए गए सभी फंड्स और प्रॉपर्टीज को पूरी तरह से रिलीज कर इस्तेमाल के योग्य बनाया जाएगा.

IAEA की निगरानी में संवर्धित यूरेनियम

  • ईरान ने इस समझौते में साफ किया है कि वह परमाणु हथियार न तो हासिल करेगा और न ही विकसित करेगा. ईरान के पास जो संवर्धित यूरेनियम का भंडार है, उसका समाधान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में संवर्धन कम करने की प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा.
  • फाइनल डील पर जब तक साइन नहीं हो जाते, तब तक ईरान अपने मौजूदा परमाणु कार्यक्रम की यथास्थिति को बनाए रखेगा और इस दौरान अमेरिका क्षेत्र में कोई नई पाबंदी नहीं लगाएगा और अतिरिक्त सैन्य बल तैनात नहीं करेगा.
  • अमेरिका 30 दिनों के अंदर ईरान के खिलाफ अपना नेवल ब्लॉकेड पूरी तरह से खत्म करेगा. बदले में, ईरान समझौते पर साइन होने के बाद पर्शियन गल्फ से ओमान सी के बीच कमर्शियल जहाजों के लिए अगले 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा.
  • ईरान 30 दिनों के अंदर इस समुद्री क्षेत्र से अपनी बारूदी सुरंगें और तकनीकी बाधाएं हटाएगा. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के भविष्य के एडमिनिस्ट्रेशन के लिए ईरान, ओमान और अन्य खाड़ी देशों के साथ बातचीत करेगा.

300 बिलियन डॉलर का प्लान

समझौते के मुताबिक दोनों देशों ने अधिकतम 60 दिनों के अंदर फाइनल डील हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है. अमेरिका अपने क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 बिलियन डॉलर का एक प्लान तैयार करेगा. फाइनल डील के एक महीने के अंदर अमेरिका ईरान के आसपास से अपने सुरक्षाबलों को हटा लेगा. इस समझौते के सफल कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक एग्जीक्यूटिव मैकेनिज्म स्थापित किया जाएगा. इस MoU के बाद बचे पैराग्राफ पर आखिरी डील के लिए बातचीत शुरू होगी और फाइनल डील को UNSC के बाइंडिंग रेजोल्यूशन द्वारा समर्थन दिया जाएगा.

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