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एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के पास निशाना बनाने को कुछ नहीं बचा, युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है, लेकिन आज की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है. ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने पद संभालते ही जो तेवर दिखाए हैं, उसने पूरी दुनिया की शांति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. यह युद्ध अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को 'ब्लैकमेल' करने का जरिया बन गया है.
मुजतबा खामेनेई ने कहा है कि ईरान शहीदों का बदला लेकर रहेगा और खाड़ी देशों में हमले नहीं रुकेंगे. इस बयान के बाद अमेरिका बाजार में हाहाकार मच गया है. वहां के शेयर बाजार खुलने के कुछ देर बाद ही बुरी तरह टूट गए हैं.
ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अमेरिका के शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है.
बुरी तरह टूटा मार्केट: गुरुवार को शुरुआती कारोबार में S&P 500 करीब 0.8% गिर गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 700 अंक तक टूट गया. वहीं टेक कंपनियों वाला नैस्डैक इंडेक्स करीब 0.9% नीचे चला गया.
कच्चे तेल में लगी आग: इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी है, क्योंकि बाजार को डर है कि युद्ध लंबे समय तक चला तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
तेल सप्लाई पर बढ़ी चिंता: ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों पर हमले किए जाने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी वजह से तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं.
ईरान के सर्वोच्च नेता ने गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर अपना पहला बयान जारी किया:
सीधा हमला: उन्होंने खाड़ी देशों से कहा कि वे अमेरिकी अड्डों को बंद कर दें और अमेरिकी सुरक्षा को एक 'झूठ' करार दिया.
हॉर्मुज की घेराबंदी: खामेनेई ने आदेश दिया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की ताकत का उपयोग किया जाए, ताकि दुनिया की अर्थव्यवस्था को घुटनों पर लाया जा सके.
बदले की आग: उन्होंने कहा कि "शहीदों का बदला लिया जाएगा" और खाड़ी देशों पर हमले जारी रहेंगे.
इजरायल ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है:
परमाणु ठिकाना तबाह: इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि उसने ईरान के 'तालेघन 2' (Taleghan 2) परमाणु ठिकाने को फिर से निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है.
लेबनान में मोर्चा: रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने लेबनान में सैन्य ऑपरेशन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि हिजबुल्लाह के हमलों को रोका जा सके.
इराक पर हमला: इराक में ईरान समर्थित 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज' (PMF) के बेस पर हमले में 14 लड़ाके मारे गए.
जैसे ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की खबरें आईं, बाज़ार में हड़कंप मच गया:
तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड एक बार फिर $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है.
दुबई और कुवैत पर हमले: ईरान ने दुबई के शेख जायद रोड और कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ड्रोन से निशाना बनाया है, जिससे विमान सेवाएं प्रभावित हुई हैं.
यूएस नेवी: अमेरिकी ऊर्जा सचिव जेनिफर ग्रैनहोम (या संबंधित अधिकारी) ने संकेत दिया कि यूएस नेवी अभी तेल टैंकरों को सुरक्षा (Escort) देने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है.
यह युद्ध अब साइबर स्पेस तक पहुंच गया है. पोलैंड के राष्ट्रीय परमाणु अनुसंधान केंद्र पर बड़ा साइबर हमला हुआ है. पोलिश अधिकारियों का दावा है कि इसके संकेत ईरान की ओर इशारा कर रहे हैं. वहीं, रूस इस संकट के बीच अमेरिका के साथ 'ऊर्जा सहयोग' पर चर्चा कर रहा है, जो भू-राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है.
जहां ट्रंप इस युद्ध को 'पेबैक टाइम' कह रहे हैं, वहीं ईरान इसे अपनी अस्तित्व की लड़ाई बना चुका है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य का "इफेक्टिव क्लोजर" (प्रभावी बंदी) दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है. भारत जैसे देशों के लिए यह केवल तेल की कमी नहीं, बल्कि अपने नागरिकों की जान का भी सवाल बन गया है. आने वाले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इजरायल अब लेबनान में जमीनी घुसपैठ बढ़ाने की तैयारी में है.
1- ईरान के नए सर्वोच्च नेता ने क्या धमकी दी है?
अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और खाड़ी देशों पर हमले जारी रखने की धमकी दी है.
2-क्या तेल की कीमतें और बढ़ेंगी?
हां, हॉर्मुज के बंद होने और जहाजों पर हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड $100 के पार पहुँच गया है और इसमें और उछाल आ सकता है.
3- इजरायल ने ईरान के किस विशेष ठिकाने पर हमला किया?
इजरायल ने ईरान के 'तालेघन 2' परमाणु केंद्र को हवाई हमले में तबाह करने का दावा किया है.
4- ट्रंप के "युद्ध खत्म होने" वाले बयान का क्या हुआ?
ट्रंप के दावे के उलट, जमीनी हकीकत और ईरान के नए तेवर बताते हैं कि युद्ध फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है.
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